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भोपाल। 12 जून को संत भय्यूजी महाराज ने खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी। जिसके बाद एक के बाद एक नए खुलासे हुए हैं। कहा ये भी गया है कि उन पर कर्ज था जिसकी वजह से उन्होंने यह कदम उठाया है। मगर उनके करीबियों का कहना है कि महाराज पर कोई कर्ज नहीं था। यदि ऐसा होता तो वह एक महीने पहले बीएमडब्ल्यू बुक नहीं कराते। बता या गया है कि आत्महत्या करने से कुछ दिन पहले ही उन्होंने गाड़ी के लिए 23 लाख रुपए का भुगतान किया था। वहीं उन्होंने अपनी लग्जरी कारों का भी सौदा कर लिया था लेकिन अब इस कहानी में एक नया मोड़ सामने आया है।
आत्महत्या नहीं, एक साजिश है
संत भय्यूजी महाराज की आत्महत्या के मामले में महाराष्ट्र के सूर्योदय संस्था के ट्रस्टी ने कई बड़े खुलासे किए हैं। उन्होंने भय्यूजी महाराज को आत्महत्या नहीं, एक साजिश बताया है। उनका कहना है कि भय्यूजी महाराज ने स्वयं आत्महत्या नहीं की है, ये उनसे करवाई गई है। इन कारणों की वजह से अब सीबीआई से जांच कराने की मांग की जा रही है। उनका ये भी कहना है कि इस साजिश में डॉक्टर आयुषी और सेवादार विनायक के शामिल होने की आशंका भी है।
पहले की गई थी मारने की कोशिश
राष्ट्रीय संत भय्यूजी महाराज के सूर्योदय संस्था के महाराष्ट्र के ट्रस्टी संभाजी देशमुख ने कई खुलासे किए। उन्होंने बताया कि भय्यूजी महाराज को पहले भी कई बार जान से मारने की कोशिशें की जा चुकी हैं। कई साल पहले एक सामूहिक विवाह कार्यक्रम में उन्हें पोटैशियम क्लोराइड पिलाकर मारने की कोशिश की जा चुकी है। इतना ही नहीं कई बार उनकी कार में भी मारने के उद्देश्य से हमले किए जा चुके है। इन बातों को किसी के सामने उजागर नहीं किया गया था। उन्होंने बताया कि खुद को गोली मार लेना आत्महत्या नहीं एक रची गई साजिश है।
बराबर थे सारे शिष्य
संभाजी देशमुख ने बताया है कि भय्यूजी महाराज के लिए उनके सारे शिष्य बराबर थे। विनायक को संपत्ति की जिम्मेदारी सौंपना अपने आपमें एक बड़ा राज है। यदि उन्होंने विनायक के बारे में लिखा है तो अन्य शिष्यों के बारे में भी लिखना ही चाहिए था। या तो हो सकता है कि विनायक को कुछ पता ना हो या वह भी इस साजिश का हिस्सा हो सकता है। लिहाजा इस पूरे मामले की सीबीआई जांच कराने की मांग की है।
किया गया घटना का नाट्य रूपांतरण
आपको बता दें भय्यूजी महाराज ने 12 जून को अपनी ही पिस्टल से खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी। जिसके बाद से पुलिस हर तरीके से छानबीन कर रही है। वहीं दूसरी ओर आत्महत्या के कारणों का पता लगाने के लिए पुलिस टीम के द्वारा घटना का नाट्य रूपांतरण करके भी देखा गया। जिसमें बीन बैग पर बैठकर उन्होंने किस तरह से खुद को गोली मारी, का पता लगाया गया। पुलिस अफसरों की पूरी टीम ने वैज्ञानिक तरीके से भी छानबीन की है।
पुलिस की जांच जारी है और अब तक 20 से ज्यादा लोगों के बयान दर्ज किए जा चुके हैं। कयास लगाए जा रहे थे कि भय्यू जी महाराज पर बड़ा कर्ज हो गया था। लेकिन कर्ज की बातें फिलहाल झूठी नजर आ रही हैं।
Published on:
19 Jun 2018 01:38 pm
