
भोपाल। मध्यप्रदेश में अब तक पिछले 15 साल से टाली जा रहीं आरक्षित पदों की भर्तियां (भाजपा की सरकार गठित होने से लेकर) अब आने वाले 1 साल में की जाएंगी। सूत्रों के अनुसार कुल 1 लाख 3 हजार 478 पदों पर भर्तियां की जाएंगी। जिसमें अनुसूचित जाति वर्ग को 27 हजार 870 और अनुसूचित जनजाति वर्ग को 75 हजार 608 नौकरियां दी जाएंगी।
दरअसल मध्यप्रदेश में बैकलॉग पदों पर भर्ती के लिए अब कवायद तेज हो गई है। पिछले दिनों यानि 8 नवंबर 2017 को मंत्रालय में सामान्य प्रशासन विभाग के अपर मुख्य सचिव प्रभांशु कमल ने विभागीय अधिकारियों से अभियान के तहत अभी तक भरे और खाली पदों की हकीकत जानने के लिए ब्योरा लिया और साथ ही यह निर्देश भी दिए कि समयसीमा में भर्ती की जाए।
सूत्रों के मुताबिक आदिम जाति अनुसंधान एवं विकास संस्था ने मध्यप्रदेश की अनुसूचित जातियों तथा अनुसूचित जनजातियों के सामाजिक, आर्थिक, शैक्षणिक पिछड़ेपन, शासकीय सेवाओं में प्रतिनिधित्व को लेकर गोपनीय प्रतिवेदन सौंपा है। इसमें बताया गया है कि करीब एक लाख आरक्षित वर्ग के पद खाली हैं।
सरकारी विभागोें में खाली पदों की वजह से प्रभावित हो रहे काम को देखते हुए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने विशेष भर्ती अभियान को गंभीरता से लेने के निर्देश दिए थे। मंगलवार को हुई सामान्य प्रशासन प्रशासन विभाग की आंतरिक समीक्षा बैठक में राज्यमंत्री लालसिंह आर्य ने भी अधिकारियों को समीक्षा के लिए कहा था। वहीं कुछ जानकार इस भर्ती प्रक्रिया को सरकार की चुनावी तैयारियों का हिस्सा मान रहे हैं।
सूत्रों के मुताबिक जल्द ही विशेष भर्ती अभियान को गति दे दी जाएगी। जो पद राज्य लोक सेवा आयोग के माध्यम से भरे जाने हैं, उनके लिए वित्त विभाग की सहमति लेकर प्रस्ताव भेजे जाएंगे। वे पद जो प्रोफेशनल एग्जामिनेशन बोर्ड या अन्य किसी एजेंसी के माध्यम से भरे जाने हैं, उनके बारे में भी नीतिगत फैसला किया जाएगा।
ये है फैक्ट फाइल :
मध्यप्रदेश में कुल पद- 8 लाख 18 हजार 183
अनुसूचित जाति-जनजाति के पद- 3 लाख 75 हजार 551
अनुसूचित जाति के रिक्त पद- 27 हजार 870
अनुसूचित जनजाति के रिक्त पद- 75 हजार 608
कुल रिक्त पद 1 लाख 3 हजार 478
(नोट- आंकड़े आदिम जाति अनुसंधान एवं विकास संस्था की रिपोर्ट के आधार पर।)
Published on:
10 Nov 2017 01:43 pm
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