
सरोजनी नायडू शासकीय कन्या विद्यालय में छात्राओं से इस बात पर चर्चा की गई कि यदि वे पहली बार वोट कर रही हैं तो वे अपना वोट किन उम्मीदों के साथ देंगी। इस चर्चा में लगभग 50 छात्राओं ने भाग लिया। ये सभी साइंस, आट््र्स और कॉमर्स तीनों संकायों में से थीं। चर्चा में सभी ने रोजगार, महिला सुरक्षा, स्वास्थ्य आदि मुद्दे उठाए। एक छात्रा ने यह भी कहा कि ऐसी व्यवस्थाएं की जाएं ताकि डॉक्टर, इंजीनियर और पढ़े-लिखे लोग विदेश न जा पाएं।
उत्साह से बोलीं छात्राएं
- मेरा नाम हर्षित बानपुर है, मैं पहली बार वोट दे रही हूं, मैं ऐसी सरकार चुनूंगीं जो महिलाओं को अधिक सुरक्षा स्वास्थ्य दे सके। आज महिलाएं और बच्चियां सुरक्षित नहीं हैं। आए दिन छोटी बच्चियों के साथ घटनाएं हो रही हैं, महिलाओं के साथ अन्याय हो रहा है। जो सरकार इस ओर काम करेगी, मेरा वोट उसे ही जाएगा।
- मेरा नाम आंचल पांडे है, मैं राजनीति शास्त्र की स्टूडेंट हूं। सरोजिनी नायडू गल्र्स कॉलेज में पढ़ती हूं और पहली बार वोट करूंगी इसलिए कि मैं एक ऐसी सरकार चुनना चाहती हूं जो पढ़ाई के उपरांत मुझे रोजगार उपलब्ध करा सके। सुरक्षा की बेहतर गारंटी दे सके। आज के समय में महिलाओं की सुरक्षा सबसे बड़ा मुद्दा है। इस ओर काम करना बेहद जरूरी है।
- मेरा नाम आनंदित है। मैं सरोजिनी नायडू गल्र्स कॉलेज में राजनीति विज्ञान की छात्रा हूं और पहली बार वोट दे रही हूं, इस आशा के साथ कि मेरा वोट अमूल्य है और उससे जो सरकार बने, वह मुझे रोजगार, स्वास्थ्य, सुरक्षा और जो उपयोगी सुविधाएं हैं, वह अच्छे से प्रदान कर सकें। इसके साथ ही गरीबों के लिए भी कदम उठाए।
Updated on:
05 Nov 2023 08:12 am
Published on:
05 Nov 2023 08:11 am
बड़ी खबरें
View Allभोपाल
मध्य प्रदेश न्यूज़
ट्रेंडिंग
