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सोना जब्ती की अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई, भोपाल में खपाया कालाधन, भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं- सीएम

Saurabh Sharma Case: आयकर विभाग की जद में आए राजधानी के कई बिल्डरों के बड़े कारनामे, भोपाल के नीलबड़, रातीबड़ में कराया करोड़ों का निवेश, प्रशासनिक अफसर, फिल्म जगत से जुड़े लोग, ज्वैलर्स और बिजनेसमैन भी शामिल...

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Saurabh Sharma Case

Saurabh Sharma Case: आयकर विभाग की जद में आए राजधानी के कई बिल्डरों के बड़े कारनामों का धीरे-धीरे खुलासा हो रहा है। इन बिल्डरों ने नीलबड़ रातीबड़ क्षेत्र में करोड़ों का लोगों से निवेश करवाया है। यानी जिन लोगों ने इस क्षेत्र में प्रॉपर्टी खरीदी है, उनमें पूर्व प्रशासनिक अफसरों के अलावा फिल्म जगत से जुड़े लोग और बड़े बिजनेसमैन शामिल है। यहां पर जिन जमीनों की खरीदी-बिक्री अब तक हुई है, वह बिकी तो महंगी दरों पर लेकिन दिखाया कम गया है। यानी स्टाम्प ड्यूटी की भी जमकर चोरी की गई है।

बताया जाता है कि कुछ लोगों ने अपने कर्मचारियों के नाम से भी जमीनें खरीदी है जो बेनामी में आ गई है। ऐसी प्रॉपर्टी को आयकर विभाग अटैच करेगा। प्रदेश के वरिष्ठ पूर्व प्रशासनिक अधिकारी ने अपने और परिवार के नाम पर नीलबड़-रातीबड़ में जमीनें खरीदी है। विभाग को इनके दस्तावेज हाथ लगे हैं। छापा खत्म होने के बाद अब इसकी पड़ताल में विभाग लग गया है।

अब की सबसे बड़ी जब्ती, ज्वैलर्स पर भी नजर

आयकर विभाग को लावारिस कार में 52 किलो सोना मिला। ये अब तक की इस मामले में आयकर विभाग की नजर ज्वैलर्स पर भी है। विभाग के सामने एक ज्वैलर्स का नाम भी आया है। सूत्रों का कहना है कि सोने की बड़ी खेप भोपाल में लाने में किसी ज्वैलर्स के बिना संभव नहीं है। इस कड़ी को जोड़कर आगे बढ़ाया जा रहा है।

50 करोड़ जमीन में लगाए

रायपुर के खनन कारोबारी ने चंदनपुरा में करीब 50 करोड़ प्रॉपर्टी सौदे की जानकारी आयकर को मिली है। इस व्यापारी के बारे में विदेश जाने की खबरें मिल रही हैं।

सौरभ का साथी शरद अब भी पकड़ से बाहर

आयकर विभाग का मानना है कि कार में 52 किलो सोना और 11 करोड़ नकद मिलने के बाद जिस चेतन गौड़ की कार का इस्तेमाल करना बताया गया, असल में सोना और रुपया सौरभ शर्मा का ही है। सौरभ ने शरद जायसवाल के साथ भोपाल में चूनाभट्टी क्षेत्र में एक रेस्तरां खोला। विभाग को जांच के दौरान इसके दस्तावेज मिले हैं।

सौरभ शर्मा के सहकर्मी बताते हैं कि काली कमाई से पहला बड़ा निवेश सिटी सेंटर में किया। यहां पेट्रोल पंप के पास पब खरीदा। पर असल में यह आरटीओ में ट्रांसफर, पोस्टिंग का अड्डा था। कीमत वसूलते समय चौकन्ना रहता। वह जानता था कि परिवहन विभाग में ही कई विरोधी हैं। वह टोकन मनी एक पान की गुमटी पर लेता, फिर फुल पेमेंट के लिए अलग से बुलाता। जांच एजेंसी के सामने चेतन ने खुलासा किया कि सौरभ ने काली कमाई सफेद करने बिल्डर्स से नाता जोड़ा। होटल और दूसरी संपत्ति बनाई। छापामारी से पहले वह एक स्कूल की फ्रेंचाइजी लेने मुंबई गया।

अविरल कंस्ट्रक्शन बनाई, 3 डायरेक्टर

ब्लैकमनी को व्हाइट करने सौरभ ने 3 साल पहले अविरल कंस्ट्रक्शन शुरू की। रजिस्ट्रेशन ग्वालियर से कराया। दफ्तर भोपाल में खोला। रोहित तिवारी, शरद जायसवाल और चेतन को डायरेक्टर बनाया। इनमें रोहित तिवारी अभी तक एजेंसियों के दायरे में नहीं आया।

किसी भी तरह के भ्रष्टाचार को बर्दाश्त नहीं

सरकार किसी भी तरह के भ्रष्टाचार को बर्दाश्त नहीं करेगी। सरकार बनने के बाद से लगातार बड़े निर्णय ले रहे, कई दृष्टि में कठोर रहे। टोल बैरियरों में कई तरह की शिकायतें मिली थी, इन पर वसूली भी होती थी, जिसे हमारी सरकार ने बंद कराया। जहां भी कार्रवाई करने की जरूरत पड़े, सरकार लगातार आगे भी कार्रवाई करेगी। पीएम के नेतृत्व में देश और प्रदेश सुशासन के क्षेत्र में कदम से कदम मिलाकर आगे बढ़ रही है। सरकार जनकल्याण अभियान व पर्व के जरिए लोगों तक पहुंच रही है। समस्याओं का समाधान कर रहे हैं।

-मोहन यादव, सीएम

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