
भोपाल. 19 दिसंबर से शुरु हो रहे मध्यप्रदेश विधानसभा के शीतकालीन सत्र से ठीक 4 दिन पहले विधानसभा सचिवालय ने केन्द्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया समर्थक नेता जजपाल सिंह जज्जी की सत्र में नो एंटी कर दी है। इसे लेकर आदेश जारी कर दिया गया है। बता दें कि मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की ग्वालियर बैंच ने अशोकनगर के भाजपा विधायक जजपाल सिंह जज्जी का निर्वाचन शून्य घोषित किया है। उन पर फर्जी जाति प्रमाण पत्र हासिल करने का आरोप लगाते हुए कोर्ट में याचिका दायर की गई थी। जजपाल सिंह जज्जी ज्योतिरादित्य सिंधिया के कट्टर समर्थक हैं।
हाईकोर्ट ने दिया है निर्वाचन शून्य का आदेश
अशोकनगर विधानसभा सीट से विधायक जजपाल सिंह जज्जी का निर्वाचन शून्य करने के आदेश मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ ने बीते दिनों दिए थे। कोर्ट जजपाल सिंह जज्जी के अनुसूचित जाति के प्रमाण पत्र को फर्जी करार दिया था और विधायकी शून्य करने के साथ ही उनके खिलाफ फर्जी जाति प्रमाण पत्र के आधार पर अनुसूचित जाति के लिए सुरक्षित सीट से चुनाव लड़ने को लेकर आपराधिक प्रकरण दर्ज करने के निर्देश पुलिस को दिए थे। साथ ही 50 रुपये का अर्थदंड भी लगाया था। 2018 के विधानसभा चुनावों के दौरान जज्जी से हारे भाजपा नेता लड्डूराम कोरी ने ये याचिका हाईकोर्ट में लगाई थी। तब जजपाल सिंह जज्जी कांग्रेस में थे और कांग्रेस की टिकट पर चुनाव लड़कर जीत दर्ज की थी।
राहुल लोधी से मांगा गया जवाब
बता दें कि दो दिन पहले बुधवार को मध्यप्रदेश विधानसभा सचिवालय ने टीकमगढ़ जिले की खरगापुर विधानसभा सीट के विधायक राहुल सिंह लोधी को नोटिस देते हुए दो दिन में जवाब मांगा है। कहा जा रहा है कि उनके वेतन भत्तों पर रोक लगाई जा सकती है। इसके साथ ही राहुल सिंह के द्वारा विधानसभा के शीतकालीन सत्र के लिए जो प्रश्न पूछे गए हैं, उन्हें भी शून्य घोषित किया जा सकता है। राहुल सिंह लोधी की सदस्यता को भी हाईकोर्ट ने शून्य घोषित किया है। खबरों की मानें तो हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ राहुल लोधी ने सुप्रीम कोर्ट में अपील दायर करने की तैयारी कर ली है।
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Published on:
15 Dec 2022 05:18 pm
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