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अब सिंधिया समर्थक मंत्री का दावा, कमलनाथ ने दिया था ऐसा ‘ऑफर’

कांग्रेस के बाद अब शिवराज सरकार के मंत्री ने किया दावा, पूर्व मुख्यमंत्री ने दिया था सिंधिया का साथ छोड़ने का 'ऑफर'...।

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भोपाल

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Manish Geete

Sep 23, 2020

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scindia supporters ministers girraj dandotiya statement

भोपाल। मध्यप्रदेश में 28 सीटों पर होने वाले उपचुनाव की तैयारियों के बीच अब सिंधिया समर्थक ( scindia supporting minister ) गिर्राज दंडोतिया ने बड़ा दावा किया है। दंडोतिया ने मीडिया से कहा है कि कमलनाथ ( Kamal Nath ) चाहते थे कि वे सिंधिया खेमा छोड़कर उनके साथ आ जाएं और वे मनचाहा ऑफर ( 'offering' ) भी देने को तैयार थे। गिर्राज दंडोतिया ( girraj dandotiya ) का कहना है कि उन्होंने साफ मना कर दिया था और वे सिंधिया के साथ आज भी खड़े हैं। गौरतलब है कि इससे पहले कांग्रेस ( mp Congress ) ने भाजपा पर विधायकों की खरीद-फरोख्त करके सरकार बनाने के कई बार आरोप लगाए हैं।

राज्यसभा सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया ( Jyotiraditya Scindia ) के कट्टर समर्थक माने जाने वाले गिर्राज दंडोतिया मुरैना के दिमनी से विधायक रह चुके हैं। सिंधिया के साथ वे भी भाजपा में शामिल हो गए थे। वर्तमान में वे मध्यप्रदेश के कृषि कल्याण राज्य मंत्री हैं।

शिवराज सरकार में मंत्री गिर्राज दंडोतिया ने उपचुनाव से पहले यह दावा कर राजनीतिक सरगर्मी बढ़ा दी है। दंडोतिया सिंधिया को ईश्वर का अंश बताते हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक दंडोतिया कहते हैं कि उनकी राजनीति का उद्देश्य कभी भी लाभ नहीं रहा, बल्कि वे जनता के हितों की लड़ाई लड़ते रहे हैं। मध्यप्रदेश में जिस तरह कमलनाथ की सरकार ने विकास की उपेक्षा की और प्रदेश को छोड़कर केवल छिंदवाड़ा का विकास किया, उसे लेकर विशेषकर ग्वालियर चंबल क्षेत्र की जनता बहुत नाराज थी।

दंडोतिया का कहना है कि सिंधिया ने जनता की भावना को देखकर ही कांग्रेस से साथ छोड़ दिया था। कांग्रेस के आजादी में योगदान की बात कहते हुए दंडोतिया ने कहा कि भले ही योगदान रहा हो लेकिन आजादी के बाद तो केवल नेहरू, इंदिरा, राजीव, संजय, सोनिया, राहुल और प्रियंका को ही याद रखा गया।

दंडोतिया कहते हैं कि शिवराज सिंह चौहान ने अब क्षेत्र के विकास के लिए जो रोडमैप तैयार किया है, वह ग्वालियर-चंबल संभाग ( gwalior-chambal region ) की तस्वीर ही बदलकर रख देगा, जबकि कमलनाथ के पास जब भी वे विकास की बात करने जाते थे, तो उन्होंने ढंग से मिलने का समय भी नहीं दिया जाता था।

भाजपा पर लगे थे खरीद-फरोख्त के आरोप

इससे पहले जून में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ( cm shivraj singh chauhan ) का एक ऑडियो वायरल हुआ था, जिसमें वे कार्यकर्ताओं से कह रहे थे कि केंद्रीय नेतृत्व के कहने पर कमलनाथ सरकार गिराई है। इसका ऑडियो वायरल होने के बाद राजनीति गर्मा गई थी। इसके बाद भाजपा पर विधायकों की खरीद-फरोख्त कर सरकार बनाने के आरोप लगे थे। सीएम के इस बयान को स्वीकारोक्ति मानते हुए पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने इसे साजिश करार दिया था। उन्होंने कहा था कि मैंने शुरू दिन से कहा है कि साजिश से सरकार गिराई गई है। इसी प्रकार कांग्रेस छोड़ भाजपा ज्वाइन करने वाले ज्योतिरादित्य सिंधिया का भी एक आडियो वायरल हो गया था, जिसमें पैसों के लेन-देन की बात की जा रही थी। कांग्रेस ने इस पर भी कहा था कि टिकट बंटवारे और विधायकों की खरीद-फरोख्त करके भाजपा ने विधायकों को तोड़ा।

इन्होंने बदला था दल

सत्ता परिवर्तन के समय दल बदलने वालों में प्रमुख छह मंत्री प्रभुराम चौधरी, इमरती देवी, तुलसी सिलावट, गोविंद सिंह राजपूत, महेंद्र सिंह सिसौदिया और प्रद्युम्र सिंह तोमर हैं। इनके साथ राजवर्धन सिंह, रक्षा सरोनिया, ओपीएस भदौरिया, रणवीर जाटव, रघुराज सिंह कंसाना, गिर्राज दंडोतिया, मुन्नालाल गोयल, जसवंत जाटव, मनोज चौधरी, एंदल सिंह कंसाना, बिसाहूलाल, जजपाल सिंह जज्जी, सुरेश धाकड़, कमलेश जाटव, बृजेंद्र सिंह यादव और हरदीप सिंह भी भाजपा में गए थे।