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भोपाल और इंदौर में 27 सितंबर को बराबर होंगे दिन-रात

एमपी के उज्जैन में 23 सितंबर यानि शनिवार को दिन और रात बराबर रहे। भूमध्य रेखा के आसपास के सभी शहरों में यही स्थिति रही। अब यहां दिन छोटे होने लगे हैं और रातें लंबी होंगी। इन जगहों पर दिन छोटा होने का यह क्रम 22 दिसंबर तक जारी रहेगा। इधर राजधानी भोपाल में 27 सितंबर को दिन और रात बराबर होंगे। इसके बाद यहां दिन छोटे होने का क्रम शुरु हो जाएगा।

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राजधानी भोपाल में 27 सितंबर को दिन और रात बराबर

एमपी के उज्जैन में 23 सितंबर यानि शनिवार को दिन और रात बराबर रहे। भूमध्य रेखा के आसपास के सभी शहरों में यही स्थिति रही। अब यहां दिन छोटे होने लगे हैं और रातें लंबी होंगी। इन जगहों पर दिन छोटा होने का यह क्रम 22 दिसंबर तक जारी रहेगा। इधर राजधानी भोपाल में 27 सितंबर को दिन और रात बराबर होंगे। इसके बाद यहां दिन छोटे होने का क्रम शुरु हो जाएगा।

उज्जैन की वेधशाला के वैज्ञानिकों ने बताया कि सूर्य के चारों ओर पृथ्वी परिभ्रमण के कारण 23 सितंबर को सूर्य विषुवत रेखा पर लंबवत रहता है। इसे शरद संपात कहते हैं। सूर्य के विषुवत रेखा पर लंबवत होने के कारण दिन और रात इस दिन बराबर यानी 12-12 घंटे के रहते हैं। भूमध्य रेखा व आसपास सटे शहरों में 23 सितंबर को यह स्थिति बनी।

23 सितंबर के बाद से सूर्य दक्षिणी गोलार्द्ध एवं सायन तुला राशि में प्रवेश करता है। इस वजह से अब उत्तरी गोलार्द्ध में दिन धीरे-धीरे छोटे तथा रातें बड़ी होने लगेंगी। यह क्रम 22 दिसंबर तक जारी रहेगा। इस दिन भारत सहित उत्तरी गोलार्द्ध में दिन सबसे छोटा तथा रात सबसे बड़ी होगी।

24 सितंबर से सूर्य दक्षिणी गोलार्द्ध में प्रवेश के कारण सूर्य की किरणों की तीव्रता उत्तरी गोलार्द्धमें कम होने लगेगी, जिससे शरद ऋतु का प्रारंभ होता है। जीवाजी वेधशाला में इस घटना को शंकू यंत्र तथा नाड़ीवल के माध्यम से दिखाया गया। अधीक्षक आरपी गुप्त ने बताया कि छाया पूरे दिन सीधी रेखा पर गमन करती हुई दिखाई दी।

हालांकि भूमध्य रेखा व आसपास सटे शहरों में ही 23 सितंबर को दिन और रात बराबर रहे। भूमध्य रेखा से दूर स्थित शहरों जैसे भोपाल, इंदौर आदि में 27 सितंबर को दिन-रात बराबर होंगे। इसके बाद इन शहरों में भी दिन छोटे और रातें लंबी होने लगेंगी। दिन और रात की यही स्थिति 21 मार्च में भी होती है।

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