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बड़ा तालाब में डल झील की तरह चलेंगे शिकारे, भोपाल में ही मिल जाएगा कश्मीर का मजा

नाव की सवारी का लुत्फ उठा सकेंगे पर्यटक, श्रीनगर की डल झील की तरह चलेंगे शिकारे

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नाव की सवारी का लुत्फ उठा सकेंगे पर्यटक

भोपाल. राजधानी भोपाल के बड़ा तालाब Bhopal Bada Talab में जल्द ही कश्मीर-श्रीनगर की डल झील की तरह शिकारे की सवारी Shikaras will run like Dal Lake का आंनद मिल सकेगा। नगर निगम अप्रेल में झील महोत्सव के पहले शिकारा चलाने की तैयारी में जुटा है। इसके लिए मौजूदा नावों का ही स्वरूप बदलकर काम चलाया जाएगा। पंजीकृत नाव संचालकों से इस संबंध में चर्चा की जा रही है।

बड़ा तालाब में प्रदूषण रहित पर्यटन बढ़ाने के लिए कई तरह की नावें चलती हैं। क्रूज भी चलता है। एक नया क्रूज भी बनाया जा रहा है। क्रूज में डीजल चलित मोटर लगती है। प्रदूषण होता है। इसीलिए अब शिकारा से पर्यटकों को बड़ा तालाब में लुभाने की तैयारी है।

ये है शिकारा
लकड़ी की नाव से बना शिकारा फिलहाल, श्रीनगर की डल झील में चलता है। शिकारे जैसी नावें केरल और अन्य समुद्र तटीय इलाकों में चलती हैं। यह अलग-अलग जगहों पर विभिन्न आकारों में बनाए जाते हैं। एक सामान्य शिकारे में छह से सात लोग बैठते हैं। नाविक इसे पीछे की तरफ से खेता है। अमूनम शिकारे तिरपाल से ढके होते हैं। चमकदार रंगों से चित्रित शिकारे खूब सजे होते हैं।

तालाब के हर कोने तक लोगों को पहुंचाने के लिए पैदल, वाहन और नाव का इंतजाम होगा- महापौर मालती राय का कहना है कि बड़ा तालाब को स्वच्छ और स्वस्थ रखते हुए पर्यटन की गतिविधियां बढ़ाएंगे। महापौर परिषद के सदस्य रविंद्र यति कहते हैं तालाब के हर कोने तक लोगों को पहुंचाने के लिए पैदल, वाहन और नाव का इंतजाम होगा। शिकारा से जम्मू-कश्मीर का अहसास होगा। यह नया अनुभव होगा।