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कैबिनेट का बड़ा फैसलाः किसानों को बिजली के लिए मिलेगी और अधिक सब्सिडी

उपचुनाव से पहले किसानों को बड़ी सौगात, किसानों के लिए सब्सिडी बढ़ाई...।
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भोपाल

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Manish Geete

Oct 19, 2021

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भोपाल। दुनियाभर में कोयले और बिजली की समस्या के बीच मध्यप्रदेश की शिवराज सरकार किसानों की सब्सिडी बढ़ाने जा रही है। चौहान ने कैबिनेट के फैसलों की जानकारी मंगलवार को मीडिया को दी। चौहान ने कहा किसानों की सब्सिडी बढ़ाने का फैसला किया गया है।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में कई अहम प्रस्तावों पर मुहर लग गई। सबसे बड़ा फैसला बिजली में सब्सिडी देने का किया गया। मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि अलग-अलग श्रेणी के हमारे किसानों के लिए सस्ते बिजली देने के लिए हम 15000 करोड़ से ज्यादा की सब्सिडी देंगे सरकार की तरफ से। चौहान ने कहा कि किसानों को सस्ती बिजली इसलिए पहुंचती है क्योंकि सरकार अपने खजाने से पैसा देती है।

चौहान ने कहा कि हमने तय किया है कि बिजली की आपूर्ति बाधित नहीं होना चाहिए। इसके लिए बिजली कंपनी को सहायता की आवश्यकता थी। मध्यप्रदेश में कोई कष्ट न हो, घरेलू उपभोक्ताओं को भी लगभग 4900 करोड़ हम देते हैं। तब कहीं सस्ती बिजली मिलती है। कुल मिलाकर के 20700 करोड़ से ज्यादा की सब्सिडी देने का मंगलवार को कैबिनेट ने फैसला किया है ताकि किसानों को भी सस्ती बिजली उपलब्ध हो और घरेलू उपभोक्ताओं को भी सस्ती बिजली उपलब्ध हो सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि संकट के इस दौर में अनावश्यक बिजली न जलें, क्योंकि कितनी भारी धनराशि जाती है। ये अपना ही पैसा है, इसलिए हम बिजली बचाएं।

फसलों के नुकसान का सर्वे होगा

चौहान ने यह भी कहा कि असमय बारिश के कारण प्रदेश के कुछ भागों में फसलों को नुकसान पहुंचा है। चौहान ने कहा कि वे आश्वस्त कर रहे हैं कि नुकसान का सर्वे होगा और क्षति का आंकलन किया जाएगा। किसानों का राहत दी जाएगी। फसल बीमा योजना के भी प्रबंध किए जाएंगे। कष्ट हैं लेकिन चिंता न करें।

इन प्रस्तावों पर भी लगी मोहर

कैबिनेट बैठक में खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के प्रस्ताव 89 ब्लाक में राशन आपके द्वार योजना को मंजूरी दी गई। इसे निर्वाचन आयोग को भेजा जाएगा। वहां से हरी झंडी मिलते ही इसे लागू किया जाएगा। इससे प्रदेश के करीब 23 लाख से ज्यादा आदिवासी परिवारों को लाभ मिलेगा। इसमें उचित मूल्य की राशन दुकानों से खाद्यान्न गांव-गांव तक पहुंचाने के लिए आदिवासियों को ही बैंक से ऋण दिलाकर वाहन खरीदवाए जाएंगे।