
BJP National President(Photo: fb)
BJP National President: मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान की सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है। शिवराज सिंह चौहान के भोपाल स्थित और दिल्ली स्थित बंगलों की सुरक्षा बढ़ाई गई है। केंद्रीय गृह मंत्रालय के इनपुट के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने ये अहम फैसला लिया है। इधऱ, शिवराज के बंगलों पर सुरक्षा बढ़ाने के बाद सियासी गलियारों में एक बार फिर उनके भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने की अटकलें लगने लगी हैं। लेकिन बात ये सामने आ रही है कि केंद्र सरकार ने प्रदेश के मुखिया सीएम मोहन यादव के नाम एक पत्र लिखा है, जिसमें शिवराज सिंह चौहान की सुरक्षा बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं।
सूत्रों का कहना है कि पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को लेकर सुरक्षा एजेंसियों ने अलर्ट जारी किया है। बताया जा रहा है कि खुफिया एजेंसियों को पाकिस्तान से जुड़ी कुछ संदिग्ध धमकियों के इनपुट मिले हैं। जिसके बाद केंद्र सरकार ने मध्य प्रदेश को औपचारिक पत्र लिखकर सुरक्षा बढ़ाने के निर्देश दिए थे। केंद्र की ओर से इस पत्र में शिवराज सिंह चौहान की सुरक्षा व्यवस्था की तत्काल समीक्षा और आवश्यक बढ़ोत्तरी के निर्देश दिए हैं। इसके तहत कार्यक्रमों, सार्वजनिक आयोजनों में भी सुरक्षा प्रोटोकॉल का ध्यान रखने के सख्त निर्देश दिए गए हैं।
शिवराज सिंह चौहान के पास पहले से ही Z प्लस सुरक्षा है। इसके अतिरिक्त उनकी सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई है। दिल्ली से लेकर भोपाल में उनके 74 बंगला स्थित बंगले के बाहर भी सुरक्षा बढ़ाते हुए चारों तरफ बैरिकेड्स लगा दिए गए हैं। जेड प्लस सुरक्षा के बाद अतिरिक्त सुरक्षा के कारण ही सियासी गलियारों में हलचल तेज हो गई।
राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव को लेकर लंबे समय से चर्चाएं चल रही थीं। मौजूदा राष्ट्रीय अध्यक्ष का कार्यकाल समाप्त हो चुका है और पार्टी संगठन नए नेतृत्व की तैयारी में है। ऐसे में शिवराज सिंह चौहान का नाम बार-बार सामने आना संयोग नहीं माना जा सकता। अनुभव, संगठन से जुड़ाव और स्वीकार्यता ये तीन ऐसे फैक्टर हैं, जिन पर शिवराज सिंह चौहान खरे उतरते हैं। ऐसे में उनकी सुरक्षा व्यवस्था को सियासी नजर से भी देखा जा रहा है।
बता दें कि जब शिवराज को पहली बार प्रदेश का मुख्यमंत्री घोषित किया जाना था, तब भी शिवराज सिंह चौहान के घर के बाहर इसी तरह बैरिकेड्स लगाए गए थे। उनकी सुरक्षा को लेकर एजेंसियां अलर्ट थीं। वहीं बाबूलाल गौर को जब एमपी का सीएम बनाए जाने की घोषणा की जानी थी, तब भी बाबूलाल गौर के घर और कार्यालय के बाहर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाने के निर्देश दिए गए थे। उनके घर के बाहर बैरिकेड्स लगाए गए थे। उस समय भी दोनों के सीएम बनने की चर्चाएं तेज थीं और ये अटकलें सच साबित हुई थीं। ये भी बड़ा कारण है कि शिवराज के बीजेपी राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाए जाने की संभावना को बल देते हैं।
हालांकि शिवराज सिंह चौहान सार्वजनिक रूप से अध्यक्ष पद की दौड़ को लेकर कोई दावा नहीं कर रहे हैं, वे बार-बार यही कहते नजर आते हैं कि फिलहाल उनका फोकस पूरी तरह से कृषि मंत्रालय और किसानों से जुड़े कार्यों पर ही है। लेकिन राजनीति में अक्सर देखा जाता है कि किसी भी पद की दावेदारी से इनकार करने और ज्यादा चर्चा में रहने वाला नाम ही दावेदारी का बड़ा संकेत होता है।
बता दें कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेयी भी बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष रह चुके हैं। वे ग्वालियर से थे और एमपी के सबसे पहले राजनेता जो 1980 में बीजेपी राष्ट्रीय अध्यक्ष बने थे। वहीं धार के कुशाभाऊ ठाकरे दूसरे बीजेपी राष्ट्रीय अध्यक्ष हुए। वे 1998-2000 तक इस पद पर रहे। अगर शिवराज सिंह चौहान के नाम पर मुहर लगती है, तो वे मध्य प्रदेश से चुने जाने वाले तीसरे और देशभर से 10वें बीजेपी राष्ट्रीय अध्यक्ष होंगे। वहीं एमपी ऐसा राज्य होगा जहां से बीजेपी को सबसे ज्यादा (तीन) राष्ट्रीय अध्यक्ष मिले।
1- लालकृष्ण अडवानी- गुजरात
2- मुरली मनोहर जोशी- उत्तराखंड
3- बंगारु लक्ष्मण- आंध्रप्रदेश अब (तेलंगाना रिजन)
4- के. जाना कृष्णमूर्ति- मदुरई (तमिलनाडु)
5- एम वैंकया नायडू- आंध्र प्रदेश
6- राजनाथ सिंह- उत्तरप्रदेश
7- नितिन गडकरी- महाराष्ट्र
8- अमित शाह- गुजरात
9- जगत प्रकाश नड्डा- हिमाचल प्रदेश
Updated on:
13 Dec 2025 03:18 pm
Published on:
13 Dec 2025 10:25 am

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