
भोपाल@ एक जमाना था जब कांग्रेस पार्टी में पूर्व विधानसभा अध्यक्ष श्री निवास तिवारी की ऐसी तूती बोलती थी कि दादा का कहा ही अंतिम सत्य माना जाता था। लेकिन अब वक्त का पहिया घूमा और उसी कांग्रेस में उनके पोते सिद्धार्थ तिवारी के टिकट कटने की नौबत गई। ऐसे में सिद्धार्थ अपने सियासी करियर को हाशिए में जाता देख भाजपा से समझौता करने को तैयार हो गए हैं। सूत्र बता रहे हैं कि बुधवार को भी भाजपा के कुछ नेताओं के साथ सिद्धार्थ तिवारी की बैठक हुई है। और माना जा रहा है कि लगभग बात बन गई है यानी सिद्धार्थ किसी भी वक्त अब कांग्रेस को अलविदा कह कमल के करीब जा सकते हैं।
त्योंथर से टिकट कटने के संदेश से मच गई थी खलबली
बता दें सिद्धार्थ तिवारी त्योंथर विधानसभा क्षेत्र से तैयारी कर रहे थे। लेकिन कांग्रेस की सर्वे रिपोर्ट में सिद्धार्थ की स्थित अच्छी नहीं बताई गई। ऐसे में पार्टी कोई जोखिम नहीं उठा चाहती है। और उन्हें बिल्कुल साफ त्योंथर का मैदान छोड़ने का संदेश दे दिया। खैर कहा जाता है कि उन्हें रीवा जिले की गुढ़ विधानसभा सीट से लड़ने के लिए कहा गया। क्योंकि साल 2013 में सिद्धार्थ के पिता सुंदरलाल इस सीट से विधायक चुने गए थे। लेकिन सिद्धार्थ गुढ़ से चुनाव नहीं लड़ना चाहते। चर्चा सिरमौर की भी रही की कांग्रेस सिद्धार्थ पर सिरमौर से भी दांव खेलने को तैयार है। लेकिन यहां भी तिवारी परिवार को दो बार टिकट मिली लेकिन दोनों बार हार ही मिली। ऐसे में सिद्धार्थ इस प्रकार का जोखिम नहीं उठाना चाहते। ऐसे में बात लगातार बिगड़ती चली गई। लेकिन सवाल ये खड़ा होता है कि अगर सिद्धार्थ गुढ़ से चुनाव नहीं लड़ना चाहते हैं तो क्या भाजपा उन्हें त्योंथर से सियासी समर में उतारेगी।
समर्थक पहले दिखा चुके हैं तल्ख तेवर
सियासी परंपरा के मुताबिक सिद्धार्थ के समर्थक भी अपना गुस्सा जाहिर कर चुके हैं। कांग्रेस के पार्षद स्वतंत्र शर्मा, नगर निगम के एमआईसी सदस्य ऋषिकेश त्रिपाठी सहित अन्य क्षेत्रीय नेता कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा देकर अपनी नाराजगी जाहिर कर चुके है।
Published on:
11 Oct 2023 09:52 pm
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