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अंतरजातीय विवाह के विरोध में सिंधी समाज का कड़ा फरमान

सिंधी समाज अंतरजातीय विवाह के विरोध में आगे आया है। सिंधी समाज ने इसका कड़ा विरोध करते हुए कई कदम भी उठाए हैं। इसके साथ ही सिंधी समाज लव जिहाद की भी खिलाफत कर रहा है। इसके लिए समाज ने अभियान शुरू किया है।

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सिंधी समाज अंतरजातीय विवाह के विरोध में आगे आया

भोपाल में सिंधी समाज अंतरजातीय विवाह के विरोध में आगे आया है। सिंधी समाज ने इसका कड़ा विरोध करते हुए कई कदम भी उठाए हैं। इसके साथ ही सिंधी समाज लव जिहाद की भी खिलाफत कर रहा है। इसके लिए समाज ने अभियान शुरू किया है।

देश में अंतरजातीय विवाह तेजी से बढ़ रहे हैं। इसके साथ ही शादी होते ही रिश्ते टूट भी रहे हैं। तलाक के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। इतना ही नहीं, लव जिहाद के केस भी तेजी से सामने आ रहे हैं। इन सब बातों से सिंधी समाज के प्रबुद्धजनों ने चिंता प्रकट की है और रोकथाम के लिए सख्ती बरतने की बात कही है।

इस संबंध में बैरागढ़ के संस्कार सभागार में सिंधी समाज की बैठक आयोजित की गई। सिंधी समाज ने यहां नई पीढ़ी में अंतरजातीय विवाह के विरोध में अभियान चालू करने का फैसला लिया। इसके लिए विवाह योग्य युवक, युवतियों को समझाइश देने की बात कही गई। उन्हें लव जिहाद से भी आगाह किया जाएगा।

इसके लिए संस्कार देने के लिए स्पेशल क्लासेस शुरू की जाएंगी। यहां अंतरजातीय विवाह से दांपत्य जीवन में भविष्य में आने वाली दिक्कतों के संबंध में बताकर युवाओं को जागरूक बनाया जाएगा। शादी के बाद जल्द रिश्ते टूटने या तलाक के दुष्परिणामों से भी अवगत कराया जाएगा।

सिंधी समाज का यह भी मानना है कि युवतियों को लव जिहाद तथा अंतरजातीय विवाह के नुकसानों के बारे में स्कूली जीवन से ही बताया जाना चाहिए। बच्चों को स्कूली शिक्षा के दौरान ही इस संबंध में संस्कार दिए जाने का निर्णय लिया गया। देर से हो रही शादियों पर चिंता जताते हुए कहा गया कि इससे अभिभावकों के सामने विकट समस्या खड़ी हो रही है।

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