
भोपाल. मध्यप्रदेश में सरकारी विभागों में कर्मचारियों—अधिकारियों की जबर्दस्त कमी है। जानकारी के अनुसार विभिन्न विभागों में 1 लाख से ज्यादा पद रिक्त हैं पर इनके लिए नियुक्तियां नहीं की जा रहीं हैं। प्रदेश में अभी चुनाव की आचार संहिता लागू है, नगरीय निकाय चुनावों और पंचायत चुनावोें के लिए आदर्श आचार संहिता के कारण सरकारी नौकरी सहित कई बंदिशें लगी हैं. इस बीच राज्य सरकार ने सरकारी विभागों में भर्ती के लिए बड़ा फैसला लिया है।
राज्य के विभिन्न विभागों में अनुसूचित जाति-जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग और निशक्तजनों के सरकारी भर्ती की राह खोली गई- राज्य सरकार कई कारण बताते हुए सामान्य वर्ग के लिए भले ही कोई नियुक्ति प्रक्रिया शुरु नहीं कर पा रही है पर अनुसूचित जाति-जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग और निशक्तजनों के सरकारी भर्ती की राह खोली गई है. इसके लिए मध्यप्रदेश की भाजपा सरकार विशेष भर्ती अभियान चला रही है.
राज्य सरकार के प्रवक्ता और मध्यप्रदेश के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने इस संबंध में विस्तार से जानकारी दी. गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने बताया कि प्रदेश के अनुसूचित जाति अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग और निशक्तजनों के लिए राज्य सरकार संवेदनशील है. इन वर्गों के लिए राज्य के विभिन्न विभागों में भर्ती के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। बैकलाग के रिक्त पद भरने के लिए विशेष भर्ती अभियान चल रहा है।
राज्य सरकार द्वारा बैकलाग के रिक्त पद भरने के लिए विशेष भर्ती अभियान 30 जून 2023 तक जारी रखने का भी फैसला- इसके साथ ही अनुसूचित जाति-अनूसचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग और निशक्तजनों के बैकलाग के रिक्त पदों की पूर्ति के लिए राज्य सरकार ने अहम फैसला लिया है. राज्य सरकार द्वारा बैकलाग के रिक्त पद भरने के लिए विशेष भर्ती अभियान 30 जून 2023 तक जारी रखने का भी फैसला लिया गया। इस प्रकार विशेष भर्ती अभियान की अवधि एक वर्ष बढ़ाने का निर्णय लिया गया है।
Published on:
15 Jul 2022 05:26 pm
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