
madhyapradesh-mahamukabla-2019
गुना. सांसद निधि से ज्योतिरादित्य सिंधिया ने गुना में स्टेडियम और अशोकनगर में रेलवे अंडरब्रिज जैसे बड़े काम कराए, लेकिन उनके क्षेत्र में पानी की समस्या का समाधान नहीं हो पाया। हैंडपंप लगवाने और पानी के टैंकर के लिए राशि जारी की, जो खुद समस्या बन गए हैं। शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं की हालत भी नहीं सुधरी। लोगों को जिला अस्पताल की दौड़ लगानी पड़ती है।
सिंधिया सांसद निधि खर्च करने वाले सांसदों में अव्वल हंै। वे जनवरी से पहले ही 25 करोड़ रुपए से अधिक के निर्माण कार्यों के प्रस्ताव भेज चुके थे। सालाना प्रस्ताव भेजने में भी उनका टै्रक रिकॉर्ड ठीक था, लेकिन उनका फोकस निर्माण कार्यों पर अधिक रहा। अधिकांश राशि सीसी सड़क निर्माण, पुलिया, सामुदायिक भवन, यात्री प्रतीक्षालय बनवाने में ही खर्च की। जल संरक्षण के नाम पर कुछ स्टाप डैम को मंजूरी जरूर दी पर जोर हैंडपंप उत्खनन पर ही रहा। मड़ीखेड़ा और राजघाट जैसे बांध तो हैं, लेकिन इनका पानी अभी शिवपुरी और अन्य कस्बों को नहीं मिल पा रहा है। शिवपुरी शहर में पानी की समस्या बढ़ती जा रही है। फरवरी से ही शहर के लिए पानी परिवहन किया जा रहा है। शहर में लिए पानी पहुंचाने वाली पाइप लाइन फूटने से समस्या और बढ़ती जा रही है। पानी की यही समस्या शिवपुरी जिले के कोलारस और गुना की बमौरी विधानसभा क्षेत्र में भी है। राजस्थान की सीमा से लगे गांवों के लोगों को पानी दूर से लाना पड़ता है। यही हाल अशोकनगर जिले के विधानसभा क्षेत्रों का है। हालांकि सांसद ने जलावर्धन योजना की मंजूरी दिलाई है।
- पानी के टैंकरों का दुरुपयोग
सांसद के नाम के मोटे अक्षरों वाले पानी के टैंकर ग्राम पंचातयों को आवंटित किए गए हैं। इनके दुरुपयोग की भी शिकायतें मिलती रही हैं। कुछ टैंकर ग्रामीणों तक पानी पहुंचाने की बजाय ईंट भ_ों में खड़े मिले थे। इन शिकायतों पर कुछ स्थानों में कार्रवाई भी की गई थी। उधर, टैंकर की गुणवत्ता को लेकर सवाल खड़े हुए थे। कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने खुद इसकी पोल खोली थी। जिसपर सांसद सिंधिया ने अधिकारियों से जांच कराए जाने के बाद ही इनका वितरण किए जाने को कहा था।
- सांसद निधि के बंटवारे में संतुलन
गुना लोकसभा सीट तीन जिलों गुना, शिवपुरी और अशोकनगर तक फैली है। इनके आठ विधानसभा क्षेत्रों को साधने के लिए सिंधिया ने सांसद निधि बांटने में संतुलन की कोशिश की है। लगभग सभी विधानसभा क्षेत्रों को समान रूप से ही राशि दी गई, लेकिन अधिक बाजी गुना और अशोकनगर जिलों ने ही मारी। इनकी तुलना में शिवपुरी जिला पिछड़ गया।
- सांसद आदर्श गांव पिछड़ गया
सांसद सिंधिया ने अशोकनगर जिले के मुंगावली विधानसभा अंतर्गत कस्बारेंज गांव को गोद लिया था, लेकिन इसकी तस्वीर नहीं बदल पाई। सांसद निधि से यहां हैंडपंप लगवाए थे। नल जल योजना के लिए ग्रामीणों ने चंदा कर दो लाख रुपए जुटाए, फिर भी पाइपलाइन नहीं बिछ पाई। शिक्षा व स्वास्थ्य में भी कस्बारेंज पीछे है।
Updated on:
31 Mar 2019 09:38 pm
Published on:
01 Apr 2019 05:04 am
बड़ी खबरें
View Allभोपाल
मध्य प्रदेश न्यूज़
ट्रेंडिंग
