Steam Therapy : भाप लेने से कोरोना वायरस से बचा जा सकता है? यहां जानें सच

क्या वाकई भाप लेने से कोरोना वायरस से बचा जा सकता है? जानिए क्या है सच्चाई।

By: Faiz

Updated: 28 May 2020, 01:48 PM IST

भोपाल/ देशभर में लॉकडाउन के बावजूद कोरोना वायरस बहुत तेजी से अपने पाव पसार रहा है। मध्य प्रदेश में ही स्थितियां लगातार बिगड़ रही हैं। इसी के चलते लोगों में कोरोना वायरस को लेकर डर की स्थितियां बढ़ती जा रही हैं। संक्रमण से बचाव के सेकड़ों र्यूमर्स लोगों के बीच तेजी से फैल रहे हैं। बचाव से संबंधित किसी भी बात को पढ़कर या सुनकर ज्यादातर लोग उसपर यकीन करने लगते हैं। इसमें कुछ लोग तरह-तरह की पुड़िया-पोटली अपने पॉकेट में रखने के बाद अब ट्रेंड में आई स्टीम थैरेपी का इस्तेमाल सबसे ज्यादा करने लगे हैं। दरअसल, लोगों में ये विश्वास फैलाया जा रहा है कि, स्टीम लेने से कोरोना वायरस से ना सिर्फ बचा जा सकता है बल्कि इसे मारा भी जा सकता है।

 

पढ़ें ये खास खबर- कोरोना से इस तरह बचें और दूसरों को भी बचाएं, जानिए 10 जरूरी टिप्स



इस वजह से भरोसे में आए लोग

तेजी से फैल रहे इस संक्रमण से बचने के लिए अकसर लोग अपने और अपने परिवार की सुरक्षा के लिए रोज़ाना कुछ ना कुछ नया तलाशने में जुट जाते हैं। लोग ऐसा इसलिए भी करते हैं, ताकि वो इस जानलेवा संक्रमण से किसी तरह बचे रहें। इनमें इम्युनिटी को बढ़ाने के फूड्स और ड्रिंक लेने के साथ कई अलग अलग तरह के उपाय जानने के इच्छुक रहते हैं। इंटरनेट पर भी तेजी से बढ़ते सर्च का फायदा उठाकर कई लोग इससे संबंधित सैकड़ों तरीके बताने में जुटे हुए हैं। ऐसे ही अब अकसर लोग कोरोना से बचने के लिए स्टीम थैरेपी के बारे में जान रहे हैं। साथ ही, रुटीन में स्टीम ले भी रहे हैं। इसकी वजह ये विश्वास है कि स्टीम की गर्माहट से कोरोना मर जाएगा।

 

पढ़ें ये खास खबर- लॉकडाउन के बीच 36 फीसदी तक बढ़ी पुरुषों की घरेलू प्रताड़ना दर


हर्ब्स की स्टीम लेने का बढ़ा क्रेज

एक तरफ जहां कुछ लोग केवल सादे पानी की भाप ले रहे हैं तो कुछ लोग विक्स, संतरे और नींबू के छिलके, लहसुन, टी-ट्री ऑइल, अदरक, नीम की पत्तियों जैसी हर्ब्स को पानी में मिलाकर उसकी भाप ले रहे हैं। क्योंकि ये सभी हर्ब्स ऐंटिमाइक्रोबियल होती हैं, इसलिए लोगों को लगता है कि, ये वायरस को खत्म करने में ज्यादा असरदार साबित हो सकते हैं।

 

पढ़ें ये खास खबर- Corona Effect : मनोरंजन, खरीदारी हो या कहीं की यात्रा, बदलने वाला है आपका जीवन


अब तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं

इंटरनेट पर मौजूद जानकारी कई जानकारियों में सलाह दी जा रही है कि, 15 से 20 मिनट तक या जितनी देर ले सकते हैं, उतनी देर स्टीम लें। लोगों में भी इसे लेकर खासा चर्चा की जा रही है। हालांकि, इस संबंध में अब तक किसी आधिकारिक संस्थान की ओर कोई पुष्टि नहीं की गई है। इसमें ना तो Centers for Disease Control and Prevention (CDC) और ना ही World Health Organization (WHO) ने स्टीम थैरेपी को कोरोना मारने या संक्रमण से बचने का इलाज बताया है।

 

पढ़ें ये खास खबर- संक्रमण से बचाने में बेहतर है N-95 Mask, पर ये सावधानियां न बरतीं तो हो सकता है खतरनाक


डॉक्टर भी देते हैं सलाह, पर इसलिए

सामान्य तौर पर सर्दी-जुकाम होने पर चिकित्सक भाप लेने की सलाह देते हैं। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि स्टीम हमारी नाक और गले में जाकर वहां जमा म्यूकस (जिससे कफ बनता है) को पतला करती है। इससे हमें सांस लेने में होने वाली तकलीफ से राहत मिलती है। जुकाम के वक्त भाप लेने से इसलिए राहत मिलती है क्योंकि ठीक प्रकार से सांस ना ले पाने के कारण हमारे शरीर में ऑक्सीजन उतनी मात्रा घट जाती है। इस कारण शरीर में भारीपन और ऊर्जा की कमी होने लगती है। जबकि, भाप लेने का बाद श्वांस की नलियां खुल जाती है और ऑक्सीजन पर्याप्त मात्रा में शरीर में जाने लगता है। हालांकि, ये राहत कुछ ही देर के लिए मिलती है।

 

पढ़ें ये खास खबर- गर्मियों में तेजी से मजबूत होगा इम्यून सिस्टम, कोरोना से बचाव के लिए जरूरी है इन चीजों का सेवन



अधिक भाप लेने से फायदे की जगह हो सकता है नुकसान

कोरोना वायरस अधिक तापमान में मर जाता है, इस विश्वास के कारण लोग बहुत तेज तापमान पर और बहुत देर तक भाप ले रहे हैं। कई लोग तो दिन में 2-3 बार भाप ले रहे हैं, जो शरीर को नुकसान पहुंचा सकते हैं। खासतौर पर हमारे फेफड़ों के लिए। क्योंकि हमारे लंग्स शरीर में किसी गुब्बारे की तरह रिऐक्ट करते हैं, जो सांस लेने पर फूल जाते हैं और छोड़ने पर सिकुड़ जाते हैं। ये सॉफ्ट टिश्यू से बने होते हैं।

 

पढ़ें ये खास खबर- Corona Impact : कोरोना के खौफ में 98 फीसदी तक कम हो गए ये गंभीर अपराध, टूटा दशकों का रिकॉर्ड



चेहरे और गले की बढ़ सकती है मुश्किल

अधिक तापमान पर भाप लेने से हमारे चेहरे की त्वचा झुलसने का खतरा बढ़ जाता है। साथ ही, हमारे गले में अंदर की त्वचा के टिश्यूज भी जल हो सकते हैं, जिसके चलते गले में सूजन हो सकती है। इससे खाना खाने और सांस लेने में भी परेशानी हो सकती है, जो हमारी रोग प्रतिरोधक क्षमता को भी कम कर सकता है। यानी जिस उद्देश्य के लिए हम भाप ले रहे थे, उसका उल्टा असर होने का खतरा ज्यादा है।

Corona virus coronavirus
Show More
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned