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NEET JEE – डमी एडमिशन पर सख्त एक्शन, नीट- जेईई देेनेवाले स्टूडेंट की बढ़ गई दिक्कत

Strict action on dummy admission of NEET-JEE students एमपी में नीट, जेईई जैसे एग्जाम्स देेनेवाले स्टूडेंट की दिक्कत बढ़ गई है।

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डमी एडमिशन पर सरकार सख्त एक्शन ले रही

Strict action on dummy admission of NEET-JEE students - एमपी में नीट, जेईई जैसे एग्जाम्स देेनेवाले स्टूडेंट की दिक्कत बढ़ गई है। इसके लिए डमी एडमिशन पर सरकार सख्त एक्शन ले रही है। डमी प्रवेश के नाम पर कोचिंग संस्थान और स्कूलों की सांठगांठ से जमकर धांधली चल रही है। इसमें बच्चे स्कूल ही नहीं आते, स्टूडेंट्स परीक्षाओं की तैयारी में ही जुटे रहते हैं।

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प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में आने वाले बच्चों के कोचिंग संस्थान डमी प्रवेश कराते हैं। स्कूलों में कार्रवाई के दौरान ऐसे मामले सामने आए तो विभाग सख्त हो गया। राजधानी के एक स्कूल की तो मान्यता ही समाप्त कर दी गई। इसके बाद स्कूलों में खलबली मच गई है।

राज्यभर में बड़ी संख्या में स्कूलों में डमी प्रवेश दिए जाते हैं। इसका कारण 10वीं कक्षा के बाद बच्चों का प्रतियोगी परीक्षा में जुट जाना है। राजधानी भोपाल में ही नीट, जेईई मेंस जैसे एग्जाम की तैयारी करने वाले कई छात्र स्कूलों में डमी प्रवेश लेते हैं। इसके बदले में स्कूलों को मोटी फीस भी दी जाती है।

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डमी प्रवेश लेनेवाले ये छात्र इन स्कूलों कक्षाओं में उपस्थित नहीं होते हैं वे सिर्फ मुख्य परीक्षा देने ही जाते हैं। ऐसे में इन्हें बिना स्कूल जाए ही 12वीं पास की अंकसूची मिल जाती है। यह सब कोचिंग संस्था एवं स्कूल संचालकों की सांठगांठ से होता है। प्रदेशभर से आने वाले बच्चों को कोचिंग की डमी प्रवेश वाली स्कूलों में एडमिशन दिया जाता है।

स्कूलों को इसमें कमीशन मिलता है। पूरे साल फर्जी हाजिरी लगाकर परीक्षा में बैठाया जाता है। मध्यप्रदेश निजी स्कूल एसोसिएशन के अध्यक्ष अजीत सिंह के अनुसार स्कूलों में डमी प्रवेश की सख्ती से जांच होना चाहिए। हम लोगों ने पिछले साल स्कूलों की जांच के लिए कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा था। कोचिंग संस्थानों की सांठगांठ से यह सारा खेल चलता है।

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