
मध्य प्रदेश में नए कानून के विरोध में बस, ट्रक ड्राइवरों की हड़ताल मंगलवार को दूसरे दिन भी जारी है। राजधानी भोपाल समेत मध्यप्रदेश में आम आदमी की मुश्किलें अब बढ़ गई हैं। पेट्रोल की किल्लत और महंगाई के बाद अब फलों और सब्जियों के दाम भी आसमान छू रहे हैं। दूध के लिए लाइन लगी है। सुबह से दोपहर और दोपहर से शाम तक बिकने वाले दूध के पैकेट लेने के लिए दूध डेयरी और दुकानों पर लोगों की भीड़ उमड़ रही है। यही नहीं अब गैस सिलेंडर की सप्लाई भी बाधित हो चली है। यानी आम जिंदगी चौतरफा मुसीबत झेल रही है...
फलों और सब्जियों की आवक रुकी
बड़ी सब्जी मंडियों से सब्जी खरीदकर लाने वाले गणेश का कहना है कि उन्हें सब्जी मंडी से ही महंगी सब्जी मिली है, इसलिए वे भी सब्जियों को महंगे दाम पर बेचने पर मजबूर हैं। उनका कहना था कि करोंद की सब्जी मंडी में कल से सब्जियां ही नहीं पहुंची। आपूर्ति बाधित होने कारण शहर की बड़ी, छोटी सभी सब्जी मंडियों में सब्जियां महंगे दामों पर बिक रही हैं।
1. भोपाल राजधानी भोपाल में सब्जियों के ठेलों और दुकानों पर सब्जी खरीदने पहुंच रहे लोग जरूरत की सब्जी लेकर ही घर लौट आए। निधि श्रीवास्तव का कहना है कि वे पालक, अदरक और हरी मिर्च लेने घर से निकली। लेकिन 15-20 रुपए में मिलने वाली पालक की एक गड्डी अब 30 से 35 रुपएमें मिल रही है, तो उन्होंने पालक नहीं खरीदी। केवल 10 रुपए का अदरक का छोटा सा टुकड़ा लेकर वे घर लौट आईं, क्योंकि हरी मिर्च के दाम भी उन्हें ज्यादा लगे।
2. मुस्कान अग्रवाल बताती हैं कि कल जब फल खरीदने गईं जरूर लेकिन खाली हाथ लौट आईं। क्योंकि 20 रुपए किलो मिल रहा पपीता 60 रुपए, संतरा 50 रुपए, सेब जो 150 रुपए किलो बिकता है वो 300 रुपए किलो बिक रहा है।
जानें प्रदेशभर का हाल
* धार की सब्जी मंडियों का हाल धार में कई जगहों पर हड़ताल का असर दिखा है। मनावर की सब्जी मंडियों में लोकल माल पहुंच रहा है। पहले यह माल किसान इंदौर, भोपाल, हरियाणा, महाराष्ट्र, गुजरात जैसे बड़े शहरों में पहुंचाया करते थे लेकिन हड़ताल की वजह से यह माल अब लोकल मंडियों में पहुंच रहा है।
* झाबुआ की मंडी में सब्जियों की आवाजाही पर असर दिखा। सब्जी वाहनों के न आने पर सब्जियों की आपूर्ति में कमी आने से उनकी कीमतों में दोगुना तक बढ़ गई है।
* मालवा में सब्जियों के दाम एक दम से दोगुने हो गए हैं।
कॉलोनियों में आज सब्जियों का भाव
- 100 किलो रुपए किलो गोभी
- 100 रुपए किलो मटर
- 45 रुपए किलो आलू
- 50 रुपए किलो टमाटर
- 60 रुपए किलो प्याज
- 200 रुपए किलो सेब
दूध के लिए लगी लंबी लाइन
हड़ताल के कारण दूध के लिए भी लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। सोमवार को दूध की किल्लत को देखते हुए लोग मंगलवार को एक बार फिर सुबह जल्दी ही दूध लेने पहुंच गए। यहां कई दुकानों पर दूध खत्म हो चुका था। तो दूध खत्म होने के डर से लोग दूध के पैकेट के लिए भी इधर-उधर परेशान होते नजर आए।
तीन दिन पहले बुक किया था गैस सिलेंडर, नहीं हो सकी सप्लाई
अपर्णा शर्मा का कहना है कि आज उनके यहां गैस सिलेंडर खाली हो गया। जब उन्होंने अपने गैस हॉकर को कॉल किया तो उसका फोन स्विच ऑफ आ रहा था। गैस एजेंसी पर बात करने पर पता चला कि ड्राइवर हड़ताल पर हैं आपको गैस खुद लेकर जाना होगा। ऐसा ये एक नहीं बल्कि कई परिवार होंगे।
फूड ऑर्डर, पर होम डिलिवरी भी लेट
वहीं जब उन्होंने ब्रेक फास्ट के लिए जोमैटो, स्विगी, डोमिनोज पर कुछ फूड आइटम ऑर्डर करना चाहा, तो पता चला कि डिलिवरी बॉय कम हैं, टाइम लगेगा।
Published on:
02 Jan 2024 01:34 pm
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