
sugar diabetes
भोपाल। बदलती अनियमित लाइफस्टाइल और भागदौड़ भरे जीवन में मधुमेह ( sugar disease ) नामक बीमारी सर्वाधिक लोगों को अपनी गिरफ्त में ले रही है। ( sugar disease ) को मधुमेह या आम भाषा में sugar ki bimari ( शुगर की बीमारी ) भी कहा जाता है। बता दें कि यह एक ऐसी बीमारी है जो सिर्फ बड़ो को ही नहीं बच्चों को भी अपना तेजी से शिकार बना रही है। ये बीमारी एक बार किसी के शरीर को पकड़ ले तो उसे फिर जीवन भर छोड़ती नहीं।
भोपाल शहर में करीब 20 लाख की आबादी में से 15 हजार लोग ऐसे हैं, जिन्हें ये बीमारी है, पर उन्हें इसकी जानकारी तक नहीं है। इस आबादी में 10 फीसदी यानी दो लाख लोग ऐसे हैं, जिन्हें यह मीठी बीमारी है। ये चौंकाने वाले आंकड़े राष्ट्रीय अर्बन स्वास्थ्य मिशन के तहत हाल ही में हुए सर्वे में सामने आए हैं। डॉक्टर आर. एस. जैन से जानिए कि कुछ ऐसे कारण है जिनका आप ध्यान रखें तो इस बीमारी से बचा जा सकता है। जानिए किन-किन कारणों से होती है ये बीमारी....
जंक फूड
बदलते लाइफस्टाइल के साथ-साथ लोगों के खानपान में भी बहुत बदलाव आया है। मौजूदा समय में लोग जंक फूड खाना ज्यादा पसंद करते हैं जिससे डायबिटीज़ होने की संभावना बढ़ जाती है।
अनुवांशिक
डायबिटीज़ की बीमारी अनुवांशिक भी होती है। अगर आपके घर में आपके माता-पिता या फिर किसी और को ये बीमारी हो चुकी है तो आपको ये बीमारी होने की संभावना ज्यादा हो जाती है।
मोटापा
ज्यादा वज़न सेहत के लिए अच्छा नहीं होता है। मोटापा कई बीमारियों की जड़ होता है। इन्हीं में से एक है डायबिटीज़। अगर आपका वज़न ज्यादा है तो आपको डायबिटीज़ हो सकती है।
डिप्रेशन
ज्यादा स्ट्रेस हमारी सेहत के लिए अच्छा नहीं होता है। कई बार ज्यादा स्ट्रेस डिप्रेशन को जन्म दे देता है और यही डिप्रेशन कई बार डायबिटीज़ का कारण बन जाता है।
नशा
किसी भी प्रकार का नशा हमारी सेहत के लिए अच्छा नहीं होता है। घुम्रपान, तंबाकू या कोई भी और नशा डायबिटीज़ की बीमारी को जन्म दे सकता है।
मीठा
खाने में ज्यादा मीठे के इस्तमाल जैसे कि ज्यादा चाय, कोल्ड ड्रिंक्स, या फिर मीठी खाने की चीज़ से डायबिटीज़ का खतरा ज्यादा बढ़ जाता है। इसलिए खाने में मीठा भी बहुत ही नियंत्रित होना चाहिए।
कम शारीरिक श्रम
जितने अच्छे से हम अपने शरीर से काम लेते रहते हैं उतना ही हमारा शरीर हेल्दी रहता है। बहुत से ऐसे लोग हैं जो कि शारीरिक श्रम से बचने की कोशिश करते हैं जिससे उन्हें डायबिटीज़ होने का खतरा बढ़ जाता है।
लक्षण.....
कमजोरी महसूस होना
कोई भी चोट या जख्म देरी से भरना
बार-बार पेशाब का आना
आंखों की रोशनी कम होना
ज्यादा प्यास लगना
ज्यादा खाना खाने के बाद भी रोगी का भार कम होना
चक्कर आना और हृदय गति अनियमित होने का खतरा
किडनी खराब होना
रोगी के हाथों, पैरों और गुप्तांगों पर खुजली वाले जख्म
स्किन पर बार बार इन्फेक्शन होना और बार-बर फोड़े-फुंसियां निकलना
भूख ज्यादा लगना
Updated on:
09 Jul 2019 02:20 pm
Published on:
09 Jul 2019 02:18 pm
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