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MP सरकार पर सुप्रीम कोर्ट ने लगाया 2 लाख का जुर्माना, जानिये क्यों?

महिला अधिकारों पर बड़ी-बड़ी बातें करने वालों को भी जमकर लताड़ा है।

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Supreme Court

भोपाल। सुप्रीम कोर्ट ने महिला अधिकारों के संरक्षण पर गंभीर लापरवाही के लिए 11 राज्यों पर कठोर कार्रवाई की है।मध्यप्रदेश के मुख्यसचिव और प्रमुख सचिव महिला बाल विकास सचिव ने भारत सरकार के कई पत्रों का जवाब नहीं दिया। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने महिला अधिकारों पर बड़ी-बड़ी बातें करने वालों को जमकर लताड़ा है।

ये है मामला:
सुप्रीम कोर्ट ने बेसहारा विधवाओं के पुनर्वास और कल्याण के लिए ठोस कदम न उठाए जाने पर नाराजगी जताते हुए मध्य प्रदेश, गुजरात सहित करीब 11 राज्यों पर दो लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया है।

जानकारी के मुताबिक, 6 दिसंबर 2017 को सुप्रीम कोर्ट ने अपना आदेश जारी करते हुए जिन राज्यों पर जुर्माना लगाया है उसमें मध्यप्रदेश,उत्तराखंड, कर्नाटक, गुजरात, मिजोरम, असम, हिमाचल प्रदेश, जम्मू कश्मीर, पंजाब, तमिलनाडु और अरुणाचल प्रदेश का नाम शामिल हैं। बताया जा रहा है कि जिन राज्यों ने सुप्रीम द्वारा जारी किए गए आदेश का पालन किया है, लेकिन अधूरी सूचना दी है, उन पर सुप्रीम कोर्ट ने एक-एक लाख रुपए का जुर्माना लगाया है।

दरअसल, पिछले 18 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से कहा था कि जिन विधवाओं की उम्र कम है उनके पुनर्विवाह के बारे में योजना बनाए। कोर्ट ने विधवा कल्याण के रोडमैप पर एतराज जताते हुए कहा कि विधवा महिलाओं से बेहतर खाना जेल के कैदियों को मिलता है।

सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि 18 साल से कम उम्र की लडकियों की शादी कैसे हो सकती है। उनके विधवा होने पर उनका परिवार कैसे छोड़ सकता है। हालांकि विधवाओं के हालात सुधारने पर सुझाव के लिए सुप्रीम कोर्ट ने 5 सदस्यीय कमिटी बनाई थी।

इन राज्यों पर लगा जुर्माना :
जिन राज्यों पर जुर्माना लगाया गया है उसमें उत्तराखंड, मध्यप्रदेश, कर्नाटक, गुजरात, मिजोरम, असम, हिमाचल प्रदेश, जम्मू कश्मीर, पंजाब, तमिलनाडु और अरुणाचल प्रदेश का नाम शामिल हैं। राज्यों सरकार द्वारा बेसहारा विधवाओं के पुनर्वास और कल्याण के लिए ठोस कदम न उठाए जाने पर सुप्रीम कोर्ट ने नाराजगी जाहिर की है।