4 नवंबर 2026,

बुधवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

मिलावट को लेकर एक्शन में अफसर, 2 मावा व्यापारियों पर मुकदमा दर्ज!

दो मावा व्यापारियों पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) के तहत मुकदमा दर्ज करने के निर्देश दिए। इसके तहत अब ग्वालियर की श्री गणेशाय ट्रांसपोर्ट कंपनी के लाइसेंसी भोपाल निवासी लोचन सिंह और प्रतिनिधि विक्रेता मुश्ताक अली पर कार्रवाई की जाएगी।
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

भोपाल

•

image

KRISHNAKANT SHUKLA

•

Updated: 23 Aug 2019, 4:00 PM IST

fake-mawa.jpg

भोपाल. राजधानी में मावा के दो नमूनों की रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद प्रशासन ने सख्ती दिखाई है। कलेक्टर तरुण पिथोड़े ने दो मावा व्यापारियों पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) के तहत मुकदमा दर्ज करने के निर्देश दिए। इसके तहत अब ग्वालियर की श्री गणेशाय ट्रांसपोर्ट कंपनी के लाइसेंसी भोपाल निवासी लोचन सिंह और प्रतिनिधि विक्रेता मुश्ताक अली पर कार्रवाई की जाएगी।

MUST READ : सड़कों पर दहशत : महिलाओं के लिए सुरक्षित नहीं राजधानी, 3 घंटे में 2 के गले से छीनी चेन

शहर में मिलावटी खाद्य पदार्थ के मामले में रासुका का यह पहला मामला है। हालांकि प्रदेश में सात व्यापारियों पर अब तक रासुका के तहत कार्रवाई हो चुकी है। दोनों व्यापारियों के खिलाफ लंबे समय से शिकायतें मिल रही थीं। इन पर पहले भी एक दर्जन केसों में जुर्माने की कार्रवाई हो चुकी है। दोनों पर 4.85 लाख रुपए का जुर्माना लगाया गया था।

खाद्य पदार्थों की जांच के लिए डेयरी की लैब को मान्यता देगी सरकार

मिलावट के खिलाफ शुद्ध के लिए युद्ध अभियान शुरू करने के बाद कमलनाथ सरकार ने हर जिले में खाद्य सामग्री की जांच की सुविधा उपलब्ध कराना तय किया है। इसके लिए सांची के डेयरी प्लांट की लैब को मान्यता दी जाएगी। ये लैब एक साल के भीतर अपग्रेड भी की जाएंगी। मुख्य सचिव एसआर मोहंती ने इसकी प्रारंभिक मंजूरी दे दी है। कई जिलों में मिलावट के सैंपल की जांच में परेशानी आ रही थी। इनके नतीजे आने में देरी लगती है, इसलिए कुछ कलेक्टर ने डेयरी में जांच की मांग की थी।

MUST READ : Mausam : दिनभर उमस-गर्मी, आसमान में छाये बादल, कुछ हिस्सों में 3 दिन तेज बारिश का अनुमान

शुद्ध के लिए युद्ध अभियान के तहत तेल, मसाले सहित दूसरी खाद्य सामग्री की भी जांच की जानी है। अभी तक केवल दूध पर ही फोकस था। अब ज्यादा खाद्य सामग्री के नमूने लिए जाएंगे, इस कारण इनकी जांच के लिए भी अधिक लैब की जरूरत लगेगी।

प्रदेश की स्थिति


41 एफआइआर मिलावटखोरों के खिलाफ
16.59 करोड़ रुपए से ज्यादा की जब्ती
3195 सैंपल जांच के लिए अब तक लिए
543 सैंपल की रिपोर्ट भोपाल से मिली
194 सैंपल अमानक मिले

MUST READ : पति की बेवफाई से दुखी महिला डॉक्टर रेलवे ट्रैक पर लेटी, ट्रेन आने के डेढ़ मिनट पहले DSP ने बचाया

अभी ऐसी है स्थिति

19 जुलाई से 15 अगस्त तक 3195 सैंपल लिए गए। भोपाल मुख्यालय से खाद्य विभाग की लैब ने 543 नमूनों की जांच रिपोर्ट दी है। 194 सैंपल खराब पाए गए हंै। 21 फर्जी ब्रांड और 12 सेहत के मापदंडों पर असुरक्षित मिले। 19 सैंपल में खराब द्रव्य की मिलावट और दो प्रतिबंध के बावजूद बिकना पाए गए हैं। प्रदेश में इस अभियान में 165986196 रुपए की जब्ती की गई है। साथ ही 1902950 रुपए कीमत का दूषित मावा, पनीर, नमकीन, फल, खाद्य तेल को नष्ट कराया गया है।