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शिक्षक भर्ती परीक्षा में अधिकारियों की मनमानी, पात्र उम्मीदवारों को ही कर दिया बाहर

मास्टर डिग्री रखने वालों को अपात्र बताकर दूसरों को दी नौकरी, डीपीआई को शिकायत, स्कूल शिक्षा विभाग की शिक्षक भर्ती परीक्षा में हजारों अभ्यर्थी प्रभावित...।

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भोपाल

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Manish Geete

Oct 28, 2022

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भोपाल। प्रदेश के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों के 19 हजार पदों के लिए हुई शिक्षक भर्ती परीक्षा 2018 (Teacher Eligibility Test 2018) में पास अभ्यर्थियों में से अंग्रेजी विषय के तीन हजार पदों पर सैकड़ों उम्मीदवार पात्र होने के बावजूद अपात्र बताए जा रहे हैं। इस मामले में अभ्यर्थियों ने शिकायत की है। उन्होंने बताया कि अधिकारियों ने काउंसलिंग के दौरान मनमाने नियम लागू कर दिए हैं। अंग्रेजी विषय से एमए डिग्रीधारी हैं, उन्हें अपात्र बताया जा रहा है। एमबीए करने वाले उम्मीदवारों को इन पदों के लिए पात्र बताकर नौकरी दी जा रही है। शिकायत के बाद इस मामले में लीपापोती की कोशिश हो रही है।

चार साल से रुकी भर्तियों में एक बार फिर रुकावट आ सकती है। स्कूल शिक्षा विभाग और जनजातीय विभाग ने अपने- अपने स्कूलों में खाली वर्ग-1 और वर्ग-2 के 19 हजार पदों के लिए पीईबी के जरिए 2018 में परीक्षा कराई थी। 5 हजार पद स्कूल शिक्षा विभाग और 6 हजार पद जनजातीय विभाग में खाली हैं। तीन हजार पद अंग्रेजी विषय के शिक्षकों के खाली हैं।

पीईबी ने परीक्षा के लिए जो नियमावली जारी की थी, उसके मुताबिक वर्ग- 2 का शिक्षक बनने अनिवार्य शैक्षणिक योग्यता किसी भी संकाय में सिर्फ स्नातक मांगी गई थी। ऐसा नहीं था कि स्नातकोत्तर करने वालों को तवज्जो नहीं दी जाएगी। राजपत्र में प्रकाशित नियम के भरोसे लोगों ने आवेदन कर परीक्षा पास की। इन्हें अंग्रेजी विशिष्ट न होने से अपात्र बताया जा रहा है।

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