1 जनवरी 2026,

गुरुवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

मेरी खबर

icon

प्लस

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

शिक्षकों की परीक्षा 12 जून को, पास नहीं होने पर ये हो सकती है कार्रवाई

लोक शिक्षण संचनालय मप्र की ओर से जारी किया गया पत्र...

3 min read
Google source verification
MP teachers

शिक्षकों की परीक्षा 12 जून को, पास नहीं होने पर ये हो सकती है कार्रवाई

भोपाल। ऐसे शिक्षक जिनका परीक्षा परीणाम 2018—19 के दौरान अपेक्षा के अनुरूप नहीं रहा है। उनकी दक्षता के आंकलन के लिए लोक शिक्षण संचनालय मप्र की ओर से 12 जून 2019 को परीक्षा का आयोजन किया जा रहा है।


विभाग की ओर से जारी पत्र के मुताबिक इस परीक्षा से ये पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि शिक्षकों को पढ़ाने में किन समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। ताकि उनके प्रशिक्षण की कार्ययोजना बनाई जा सके।

इस परीक्षा के लिए ऐसे स्कूलों का चयन किया गया है जिनका परिणाम 30 प्रतिशत से कम रहा है।

दरअसल कुछ समय से ये जानकारी सामने आ रही थी कि जिन स्कूलों में रिजल्ट जीरो से तीस फीसदी रहा है, उन स्कूलों के शिक्षकों की परीक्षा ली जाएगी।

इस संबंध में 1 जून को लोक शिक्षण संचनालय मप्र की ओर से संयुक्त संचालक समस्त लोक शिक्षण संभाग व जिला शिक्षा अधिकारी समस्त जिले मप्र को पत्र जारी कर दिया गया है।

पूरी जानकारी के लिए यहां करें क्लिक: TEACHER EXAM

जिसकी प्रतिलिपि स्कूल शिक्षा मंत्री, राज्य मंत्री, प्रमुख सचिव स्कूल शिक्षा,प्रमुख सचिव आदिम जाति कल्याण विभाग,सभी जिला कलेक्टर्स, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत,संयुक्त संचालक समस्त लोक शिक्षण संभाग व सहायक आयुक्त जनजाति कार्य विभाग को भेजी गई है।

दरअसल सामने आ रही सूचना के अनुसार शिक्षा विभाग की लाख कोशिशों के बावजूद बोर्ड परिक्षाओं के रिजल्ट में कोई खास सुधार नही हो रहा है। इसको लेकर विभाग ने चिंता जाहिर की है और बच्चों के साथ साथ अब शिक्षकों की ही परीक्षा लेने का फैसला लिया है।

ये परीक्षा उन स्कूलों के टीचर्स की होने जा रही है, जिनके स्कूल का बोर्ड का रिजल्ट 30 फीसदी से कम आया है। वहीं 12 जून को आयोजित होने वाली इस परीक्षा के आधार पर विभाग शिक्षकों की योग्यता आंकी जाएगी।

वहीं सूत्र यह भी कहते हैं कि परीक्षा में फेल होने वाले शिक्षकों को बाहर भी किया जा सकता है, या फिर शैक्षणिक कार्य छो़ड़कर दूसरे काम में लगाया जा सकता है। विभाग को पूरी उम्मीद है कि ऐसा प्रयोग करके शिक्षा के स्तर में सुधार किया जा सकेगा।

वहीं विभाग की ओर से जारी पत्र के मुताबिक इस परीक्षा से ये पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि शिक्षकों को पढ़ाने में किन समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। ताकि उनके प्रशिक्षण की कार्ययोजना बनाई जा सके।

मध्य प्रदेश में यह पहला मौका है, जब विभाग स्कूल में शिक्षा का स्तर सुधारने के लिए सरकारी स्कूलों के शिक्षकों की परीक्षा ले रहा है।

इस परीक्षा के माध्यम से शिक्षकों की योग्यता को जांचा जाएगा कि वे बच्चों को पढ़ाने के लायक है भी या नहीं। सूत्रों का कहना हे कि अगर शिक्षक फेल होते है तो उन्हें बाहर का रास्ता दिखाया जाएगा या फिर कुछ और भी कदम उठाए जा सकते है।

अब परीक्षा में पास फेल होने के बाद ही इन स्कूलों के शिक्षकों की भूमिका तय की जाएगी। इसी के साथ बोर्ड का यह प्रयोग सफल रहा तो निश्चित रुप से इससे शिक्षकों की गुणवत्ता भी सामने आएगी और बच्चों को भी बेहतर मार्गदर्शन मिल सकेगा।