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भ्रष्टाचार पर बने नाटक को देख बच्चों पर भड़क गए नेताजी

मप्र स्थापना दिवस समारोह पर रविवार को शासकीय टैगोर हायर सेकेण्डरी

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Common Desk

Nov 02, 2015

बनखेड़ी/होशंगाबाद।मप्र स्थापना दिवस समारोह पर रविवार को शासकीय टैगोर हायर सेकेण्डरी स्कूल में आयोजित कार्यक्रम में भ्रष्टाचार और महंगाई पर बच्चों का नाटक देख अतिथि के रूप में आए भाजपा के जिला उपाध्यक्ष मुकेश सराठे भड़क गए। उन्होंने बच्चों के साथ स्कूल प्राचार्य को भी जमकर खरीखोटी सुनाई। कहा कि कार्यक्रम में नेताओं के लिए भ्रष्ट जैसे शब्दों का प्रयोग करना गलत है।


दरअसल कार्यक्रम में सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के दौरान बच्चों ने महंगाई और भ्रष्टाचार पर नाटक के दौरान स्क्रिप्ट के आधार पर दर्शाने की कोशिश की नेता और अफसर भ्रष्टाचार में लिप्त हैं। महंगाई बढ़ती जा रही है, किसान आत्महत्या कर रहे हैं। सरकार राहत नहीं दे रही है।


इससे निजात के लिए बच्चों ने नाटक में ही हवन का आयोजन किया जिसमें भ्रष्ट नेताओं का स्वाहा किया। इनता सुनते ही मंच पर बैठे सराठे खड़े हो गए और प्राचार्य के साथ बच्चों को भी फटकार लगाई।


सराठे ने बताया कि नाटक में नेताओं के लिए अमर्यादित शब्दों का प्रयोग किया गया था। इसके चलते बच्चों और प्राचार्य को केवल हिदायत दी।

नेताओं ने दिया ज्ञापन


स्थापना दिवस के कार्यक्रम शासकीय टैगोर उत्कृष्ठ, प्री मैट्रिक कन्या छात्रावास में आयोजित कार्यक्रम में लोगों को नहीं बुलाया गया। जिसके कारण नाराज पार्षद और जनपद सदस्य ने कलेक्टर के नाम तहसीलदार को ज्ञापन दिया। कार्यक्रम में नप अध्यक्ष काशीबाई पटेल, किसान मोर्चा जिलाध्यक्ष संजीव मालानी, ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष कुंजीलाल पटैल आदि मौजूद थे।

यूं भड़का गुस्सा


बच्चों की लघु नाटिका में सरपंच की भूमिका को निभा रहे छात्र ने कहा कि भ्रष्ट्राचार और मंहगाई बढ़ रही रही है। फसल खराब है प्रदेश सरकार से पैसे मिलने की आशा नहीं है।


हमें अब केवल भगवान की शरण में जाना चाहिए। और बच्चे यज्ञ करते है। जिसमें वह सरकार बुद्धि स्वाहा और भ्रष्ट्राचार स्वाहा के मंत्र पढ़े। इस पर भाजपा के जिलाउपाध्यक्ष मुकेश सराठे और किसान मोर्चा के मंडल अध्यक्ष हेमराज मुख्त्यार टेगोर उत्कृष्ठ की प्राचार्या सुनीता बाधवा पर भड़क गए।


बच्चों ने जो नाटक प्रस्तुत किया उसके संवाद भूल गए और बाद में वो मन से संवाद बोलने लगे। सुनीता बाधवा, प्राचार्य शासकीय टेगोर उत्कृष्ठ, बनखेड़ी

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