
पानी को लेकर भोपाल में पैदा हुआ संकट, लीकेज से बुझा रहें लोग अपनी प्यास
भोपाल। गर्मी शुरू होते ही पूरे भोपाल में पानी का संकट शुरू हो गया है। शहरवासियों को पानी के लिए इधर उधर भटकना पड़ रहा है। जिस क्षेत्र में पाइप लाइन की सुविधा है वहां भ्री मुश्किल से 10 या 15 मिनट तक सप्लाई की जा रही है। और जिस क्षेत्र में पाइप लाइन की सुविधा नहीं है वहां पर लोग प्राइवेट टैंकरों मंहगे दामों पर पानी खरीदने को मजबूर है।
राजधानी में ऐसे भी बहुत परिवार रहते है जिन तक नगर निगम का टैंकर नहीं पहुंच रहा है। और अगर निगम का टैंकर पहुंचता भी है तो मुश्किल से एक आदमी को 2 से 3 बाल्टी पानी मिल पाता है। ऐसे में रहवासियों को समझ में नहीं आता है कि इतने से पानी में घर के और सारे काम करें या फिर पानी का प्रयोग पीने के लिए करें।
टैंकर आते ही लग जाती है लोगों की भीड़
राजधानी के हबीबगंज नाके के पास, कोलार के हिनौतिया आलम, जाटखेड़ी बस्ती, समेत राजधानी के ऐसे दर्जनों क्षेत्र है जहां आज भी लोग टैंकर के भरोसे पर जिंदा हैं। और इन क्षेत्रों में जैसे ही टैंकर की आवाज सुनाई देती है। वैसे ही लोग बाल्टी पाइप और घर के अन्य बर्तन लेकर पहुंच जाते है जिससे की उनकों अधिक से अधिक पानी मिल सके। टैकर के आसपास लोगों की इतनी भीड़ लग जाती है कि वहां पर पैर रखने तक की जगह नहीं होती।
नगर निगम नहीें करवा पा रहा जलापूर्ति...
वैसे तो सभी रहवासियों को जलापूर्ति मिल सके इसकी जिम्मेदारी नगर निगम भोपाल की है। लेकिन इतना बड़ा स्टाप होने के बाद भी नगर निगम कई क्षेत्रों में आज भी एक दिन छोड़कर पानी की सप्लाई करता है।
लीकेज से कर रहें है गुजरा...
कोलार क्षेत्र में पानी की किल्ल्त दूर करने के लिए नगर निगम ने करोड़ो रूपए खर्च करके केरवा प्रोजेक्ट पर काम किया।,लेकिन ये प्रोजेक्ट भी कोलार के रहवासियों की प्यास नहीं बुझा सका। हालात ये है कि इस क्षेत्र में रहने वाले गरीब परिवार आज भी कोलार पाइप लाइन के लीेकेज से अपनी प्यास बुझा रहें है। कोलार पाइप लाइन से पानी भरने वाले केवल दिन में ही नहीं बाल्कि पूरी रात देखे जा सकते हैं। कोलार के आधे से ज्यादा रहवासियों के लिए केरवा प्रोजेक्ट मात्र दिखावा बन कर रह गया है।
Published on:
27 Apr 2019 06:28 pm
