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किसानों की आय दोगुना तो नहीं हुई, लागत बढ़ी

अब भी झूठे वादे कर रही है शिवराज सरकार
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किसानों की आय दोगुना तो नहीं हुई, लागत बढ़ी

किसानों की आय दोगुना तो नहीं हुई, लागत बढ़ी

भोपाल। केन्द्र और राज्य की भाजपा सरकर ने वर्ष 2022 में किसानों की आय दोगुना करने का वादा किया था, लेकिन किसानों की आय तो नहीं बढ़ी, लागत बढ़ गई। दर्द सौगुना हो गया। इसके बावजूद भी भाजपा सरकार झूठे वादे किए जा रही है। ओलावृष्टि और बारिश से किसानों की फसल तबाह हो गई, किसान सर्वे की मांग कर रहे हैं, पर किसानों को सिर्फ भरोसा ही दिलाया जा रहा है। कांग्रेस विधायक पीसी शर्मा ने शुक्रवार को प्रेस कांफ्रेंस के दौरान यह आरोप लगाया।

प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में आयोजित इस प्रेस कांफ्रेंस में उन्हाेंने कहा कि भाजपा सरकारें केंद्र में हों या राज्य में स्वभाव से किसान विरोधी ही रही हैं। मध्यप्रदेश की भाजपा सरकार फसलों के दाम मांगने पर किसानों के सीने में गोलियां उतार देती है और केंद्र की भाजपा सरकार किसान फसलों के दाम मांगे तो उनके सिर लहू लुहान किए जाते हैं, राहों में कील और कांटे बिछाती है। वहीं कमलनाथ सरकार 27 लाख किसानों का कर्ज माफ करती है। सबसे सस्ती बिजली किसानों को उपलब्ध कराती है।

बजट चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि पिछले चार वित्त वर्ष में मोदी सरकार ने कृषि एवं किसान कल्याण का 78,533.51 करोड़ रुपए खर्च नहीं किया। राज्य सरकार ने किसान कल्याण की केवल 22 प्रतिशत राशि ही खर्च की। मध्यप्रदेश में किसानों पर औसत कर्ज 74,420 रुपए और औसत आय सिर्फ 8339 रुपए प्रतिमाह है। यह सबसे निचले चार राज्यों में है।