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इस बार चुनावी तबादलों का साल, मंत्री और विधायक रहेंगे पॉवरफुल

एसीएस ने लिखा- जल्द बनाओ नई नीति का ड्राफ्ट

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भोपाल। चुनावी साल में सरकार एक मई से 30 जून तक तबादलों की छूट देने जा रही है। सूत्रों का कहना है कि करीब एक लाख कर्मचारियों-अधिकारियों को उनकी पसंद के स्थानों पर भेजा जा सकेगा। मंत्री और विधायकों पर तबादले की इच्छा रखने वालों का दबाव बना हुआ है। चुनाव के मद्देनजर सरकार उनकी मांग पूरी करने के लिए लगभग तैयार है। सूबे में पिछले साल जून में महज एक महीने के लिए तबादलों से रोक हट पाई थी। नई तबादला नीति आने में देर हो गई थी। इस बार अभी से तबादला नीति का ड्राफ्ट तैयार हो रहा है। मंत्रालय के कर्मचारी संघ ने बीते हफ्ते तबादलों पर रोक हटाने की मांग सामान्य प्रशासन विभाग के अपर मुख्य सचिव प्रभांशु कमल से की थी। प्रभांशु ने तबादला नीति का ड्राफ्ट जल्द बनाने के लिए लिखा है।

सीएम करेंगे फाइनल
तबादला नीति का ड्राफ्ट 25 अप्रैल तक फाइनल करके मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के पास भेजा जाएगा। उनके स्तर पर नीति को चुनावी असर के हिसाब से मोडीफाई भी किया जा सकता है। इसमें प्रभारी मंत्री व विधायकों को अधिक असरदार बनाने के प्रावधान प्रमुख रहेंगे।

नहीं हटी थी रोक
2017 में जून महीने के लिए तबादलों से रोक हटी थी, लेकिन 2016 में तबादलों से पाबंदी हटाई ही नहीं गई। 10 से 20 फीसदी तबादलों की छूट मिलती है। इसमें 200 से कम कर्मचारी होने पर 10 फीसदी तबादले की छूट बीते साल मिली थी।

सबसे ज्यादा कहां
सूबे में सबसे ज्यादा तबादले स्कूल शिक्षा, उच्च शिक्षा, स्वास्थ्य विभाग, महिला बाल विकास, ग्रामीण विकास, लोक निर्माण व शहरी विकास में होते हैं।

इस बार ये प्रावधान संभावित
तबादलों की सीमा 20 फीसदी तक बढ़ सकती है। स्वेच्छा का आधार शामिल रहेगा।
प्रभारी मंत्री का अनुमोदन अनिवार्य होगा। उनका दखल बढ़ाया जाएगा।
मंत्रियों स्तर पर विधायकों की अनुशंसाओं को भी प्राथमिकता दी जाएगी।
तबादलों की प्रक्रिया ऑनलाइन रहेगी। खाली पदों को ऑनलाइन प्रदर्शित किया जाएगा।
स्कूल शिक्षा विभाग की पहले की तरह अलग नीति रहेगी।
जिलास्तर पर कलेक्टर तबादले करेंगे। प्रभारी मंत्री का अनुमोदन व दखल रहेगा।

इस साल हम तबादला नीति को लेट नहीं होने देंगे। नीति के ड्राफ्ट पर काम शुरू हो गया है। कोशिश है कि इसी महीने नीति को तैयार करके लागू करा दिया जाए।
- प्रभांशु कमल, अपर मुख्य सचिव, सामान्य प्रशासन विभाग