
सुभाष ठाकुर भोपाल. महापर्व दिवाली अब नजदीक आ चुका है. बाजार सज चुके हैं और दुकानों पर ग्राहकों की भीड़ भी उमड़ रही है. दिवाली मूलत: लक्ष्मी पूजा का पर्व है और यही कारण है उनका स्वागत करने के लिए घर सजाने की परंपरा है. इसके लिए फूलों की फसल तैयार हो चुकी है. राजधानी के पास तो खासतौर पर दिवाली के लिए ही फूलों की खेती की जा रही है.
बेरखेड़ी सहित आसपास के गांवों में खेत फूलों से महक रहे हैं. सबसे ज्यादा गेंदे के फूल हैं जिनकी पौध खासतौर पर कोलकाता से लाई जाती है. भोपाल से करीब 25 किमी दूर केरवा रोड पर बेरखेड़ी गांव में 25 से 30 किसान फूलों की खेती करते हैं. वे गुलाब, जरबेरा और गेंदे के फूल प्रमुखता से उगाए जाते हैं.
नवरात्रि और दीवाली के लिए ये किसान फूलों की फसल को खासतौर से तैयार करते हैं. किसान नंदलाल कुशवाह बताते हैं कि हम यह खेती करीब 50 साल से कर रहे हैं उस जमाने में वे कभी पैदल तो कभी साइकल से फूलों की गठरी भोपाल लेकर जाते थे और जहांगीराबाद में बेचते थे. अधिकतर लाल और पीले गेंदे के फूल ही उगाते हैं.
दरअसल ऐसे लाल और पीले गेंदे के फूलों की ही दिवाली पर सबसे ज्यादा डिमांड रहती है. मंडी में ये फूल सामान्यत: 30 से 40 रुपए प्रति किलो की दर पर और रिटेल मार्केट में प्राय: 80 से 100 रुपए किलो के भाव से बिकते हैं. खास बात ये है कि यहां के फूल छत्तीसगढ़, राजस्थान और महाराष्ट्र भी जाते हैं.
Published on:
29 Oct 2021 12:06 pm
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