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भारत के सबसे रोमांचक रास्तों में से एक है MP का बुदनी ट्रैक, जानें क्यों है खास

सर्पिलाकार नजर आता है रेलवे ट्रैक, 30 किमी दूर तक फैली हुई नजर आती है नर्मदा नदी, देश के दुर्गम रास्तों में से एक है बुदनी घाट ट्रैक...

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भोपाल

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Manish Geete

Aug 15, 2017

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भोपाल।मानसून आते ही राजधानी और उसके आसपास सैकड़ों सैलानी पिकनिक स्पॉट की ओर रुख करते हैं। इनसे अलग राजधानी में कुछ लोग ऐसे भी हैं जो रोमांच के लिए दुर्गम पहाड़ों की तलाश में रहते हैं। भोपाल से 65 किलोमीटर दूर स्थित है बुदनी घाट। यह ऐसा इलाका है जिसके रोमांच का लुत्फ लेने के लिए अन्य प्रदेशों से भी लोग आते हैं।

राजधानी के 110 लोगों ने रविवार का दिन नेचर में बिताया। इन लोगों में दिल्ली से आए नेशनल ट्रैकर्स समेत राजधानी के करीब 15 डॉक्टर्स, डिप्टी कलेक्टर और पर्यावरणविद समेत स्कूल-कॉलेज के स्टूडेंट ने विशेष तौर पर भाग लिया। सभी ने पर्यावरण, वन्य जीव, बर्ड वॉचर्स और फोटोग्राफी के हुनर को निखारा।

यूथ होस्टल एसोसिएशन आफ इंडिया की लेकसिटी यूनिट के सचिव संजय मधुप के नेतृत्व में ट्रैकर्स का यह दल हबीबगंज रेलवे स्टेशन से सुबह ट्रेन से रवाना हुआ। बुदनी के जंगलों में स्थित मिडघाट सेक्शन पर दल के सभी सदस्य उतर गए। जहां उन्हें ट्रैकिंग और जंगल के नियमों से अवगत कराया। सभी से पर्यावरण को शुद्ध रखने की हिदायत देकर दल को रवाना किया।

पल-पल पर था स्नैक का खतरा
बुदनी के जंगल में लाखों जहरीलें सांप हैं, ऐसे में इन रास्तों पर अकेले नहीं जाया जा सकता है। दल में विशेष रूप से अनुभवी ट्रैकर्स और डाक्टर्स के दल फर्स्ट एड किट लेकर ही जंगल में पहुंचे थे। जानकारों ने बताया कि इस दुर्गम पहाड़ों पर बरसों से कोई आता-जाता नहीं है। ऐसे में हर कदम-कदम पर स्नैक और बिच्छू का खतरा बना रहता है।

बड़ी-बड़ी चट्टानों पर की चढ़ाई
800 फीट ऊंचे पहाड़ पर चढ़ते हुए बड़ी-बड़ी चट्टानें सीना ताने खड़ी थी। दल के सदस्य एक-एक चट्टान को एक दूसरे की मदद करते हुए आगे बढ़ते गए। एक तरफ बड़ी-बड़ी चट्टानें थी तो एक तरफ गहरी खाई। हर पल घने जंगल में रोमांच ही रोमांच।

दूर-दूर तक फैली थी हरियाली
बड़ी-बड़ी चट्टानों को फताह कर जब दल के सदस्य पहाड़ की 800 फीट ऊंची चोटी पर पहुंचे तो मीलों दूर तक फैली हरियाली ने पर्यावरण प्रेमियों को आनंदित कर दिया। हर कोई कुदरत के इस नजारे को कैमरे में कैद कर लेना चाहता था।

झरने पर हुई मस्ती
पहाड़ों पर बहते झरने पर दल के सदस्यों ने जमकर मस्ती की। उन्होंने एक दूसरे को पानी की बौछार कर गर्मी से राहत का अहसास किया। इस मस्ती में बच्चों ने भी जमकर धमाल किया।

800 फींट ऊपर है मृगेंद्र नाथ का मंदिर
झरने को पार करते हुए दल के सदस्य सबसे ऊंची चोटी की ओर बढ़ गए। इस चोटी पर बाबा मृगेंद्र नाथ का प्राचीन मंदिर है, जो आसपास के गांव वालों की आस्था का केंद्र है।

ट्रेन का दुर्लभ दृश्य
मध्यप्रदेश में रेलवे का मिडघाट सेक्शन अपने आप में अनोखा है। करीब एक हजार फीट की ऊंचाई से जंगल से गुजरती ट्रेन ऐसी लगती है जैसे कोई सांप झाड़ियों में रैंगते हुए गुजर रहा हो। इस खूबसूरत नजारे को देखने के लिए दिल्ली से आए प्रतिभागी भी शामिल हुए थे।

30 किमी लंबी है नर्मदा की जलधारा
बुदनी के इस पहाड़ से जहां तक नजरे जाएं हरियाली और नर्मदा का विहंगम दृश्य नजर आता है। नर्मदा नदी को एक नजर में करीब 30 किलोमीटर दूर तक फैला हुआ देखा जा सकता है। ऐसा नजारा दिखाने वाला प्रदेश में यह एकमात्र स्थान है।

कहां है 'मिडघाट ट्रैक'
यह राजधानी से 65 किलोमीटर दूर बुदनी के जंगल में है 'मिडघाट ट्रैक' है। इस स्थान पर रेल मार्ग से ही पहुंचा जा सकता है। पिछले 30 सालों से इस स्थान पर यूथ होस्टल एसोसिएशन आफ इंडिया का एक दल लगातार जा रहा है। इसके लिए मिड घाट रेलवे स्टेशन पर उतरकर हरीभरी वादियों में स्थित दुर्गम पहाड़ी रास्तों से 800 फीट ऊंची पहाड़ी पर पहुंचा जाता है। यह भारत के सबसे रोमांचकारी ट्रैकिंग स्पॉट में से एक है।

सावधानीः यहां जाने के लिए अनुभवी ट्रैकर्स के साथ जाना चाहिए। कभी भी अकेले या परिवार के साथ न जाएं। क्योंकि यह स्थान रातापानी सेंचुरी के नजदीक होने के कारण यहां वन्यप्राणी काफी मात्रा में है।

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