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टि्वशा शर्मा केस: समर्थ-गिरिबाला से आमने-सामने होगी पूछताछ, दोनों की बढ़ी रिमांड

Twisha Sharma Death Case: हाईकोर्ट द्वारा अग्रिम जमानत रद्द करने के कुछ घंटों बाद CBI टीम ने सुबह 10:30 बजे से पूछताछ शुरू की, जो सात घंटे से अधिक चली। शाम करीब 5:10 बजे गिरिबाला सिंह को गिरफ्तार किया।

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Twisha Sharma Death Case:

Twisha Sharma Death Case: (Photo Source - Patrika)

Twisha Sharma Case Updates:मध्यप्रदेश में भोपाल के सबसे चर्चित ट्विशा शर्मा केस में सीबीआई ने ट्विशा शर्मा की सास और रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह को बीते दिन गिरफ्तार कर लिया गया है। गुरुवार को देर शाम सीबीआई उन्हें मेडिकल जांच के लिए भोपाल स्थित मौलाना आजाद नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी कैंपस लेकर गई। इस पूरे मामले में आरोपी सास और पूर्व जज गिरिबाला सिंह को सीबीआई शुक्रवार को कोर्ट में पेश करेगी और रिमांड की मांग करेगी।

बता दें कि इस केस ने पूरे देश को झकझोर दिया है। बीते दिन हाईकोर्ट द्वारा अग्रिम जमानत रद्द करने के कुछ घंटों बाद CBI टीम ने सुबह 10:30 बजे से पूछताछ शुरू की, जो सात घंटे से अधिक चली। शाम करीब 5:10 बजे गिरिबाला सिंह को गिरफ्तार किया। इस मामले में पहले उनके बेटे समर्थ सिंह को गिरफ्तार किया जा चुका है।

इन 3 सवालों के जवाब नहीं दे पाई गिरिबाला सिंह

- सीबीआइ सूत्रों के ट्विशा की मौत के बाद उसके शरीर पर लगे 6 चोटों के निशान के बारे में सीबीआइ ने गिरिबाला से पूछा। वे बार-बार यही कहती रहीं कि शव को उतारने और एम्स ले जाने के दौरान लगे होंगे। हालांकि सीबीआइ इससे सहमत नहीं हुई।

- सूत्रों की मानें तो सीसीटीवी फुटेज पर पूछा भी पूछा गया। फुटेज में 07.19 बजे टि्वशा घर की ऊपरी मंजिल पर जाती नजर आ रही है। 1 घंटे बाद 8.20 बजे उसे 3 लोग सीढ़ी से लाते दिख रहे हैं। घटना 12 मई की है तो फुटेज पर 10 मई क्यों लिखा है ? बताते हैं, सास ने कहा कि तकनीकी दिक्कत थी। टेक्नीशियन को भी बुलाया था।

-दिवशा के गर्भवती वाट्सऐप चैट में लिखे प्रताड़ना के आरोपों पर भी पूछताछ की गई। गर्भपात के लिए मजबूर किए जाने के सवाल को ससुराल पक्ष ने सिरे ने खारिज कर दिया। सास ने बार-बार कहा कि वे ट्विशा को बेटी की तरह रखते थे।

आखिरी घंटों का होगा वर्चुअल रीक्रिएशन

इस केस में अब सीबीआई अब टनल व्यू इन्वेस्टिगेशन तकनीक का इस्तेमाल कर रही है। एजेंसी ट्विशा के आखिरी घंटों का वर्चुअल रीक्रिएशन तैयार कर रही है, ताकि घटना से पहले और बाद की हर गतिविधि को मिनट-टू-मिनट समझा जा सके। ट्विशा शर्मा केस में सीबीआई टनल व्‍यू इन्‍वेटिगेशन करेगी। इसमें ट्विशा को लेकर अनसुलझे सवालों को सुलझाने की कोशिश है। सीसीटीवी, मोबाइल डेटा और कॉल डिटेल्‍स से मिनट टू मिनट टाइम लाइन बनाई जाएगी। सीबीआई ने कटारा हिल्‍स के घर में बारीकी से जांच पड़ताल की है।

"मैं और मेरी मां बच्चा चाहते थे…

खबरों के मुताबिक, ट्विशा के मैसेज से पता चलता है कि समर्थ ने उसकी प्रेग्नेंसी पर शक ज़ाहिर किया था और बच्चे के पिता होने पर सवाल उठाया था। यह उस छवि के बिल्कुल उलट है जो समर्थ ने जांचकर्ताओं के सामने पेश करने की कोशिश की थी कि वह और उसकी मां बच्चा चाहते थे, जबकि ट्विशा गर्भधारण के समय से ही भावनात्मक रूप से परेशान थी। "मैं और मेरी मां बच्चा चाहते थे, लेकिन ट्विशा को गर्भधारण के बाद से ही परेशानी होने लगी थी," समर्थ ने पुलिस को बताया।

लैपटॉप-फोन जब्त

बीते दिन जब एसआईटी समर्थ सिंह को स्पॉट वेरिफिकेशन के लिए घर लेकर गई उस दौरान ट्विशा का लैपटॉप, समर्थ सिंह का लैपटॉप, उसके दो मोबाइल फोन और पासपोर्ट जब्त किए गए। सवाल यह है कि जिन लैपटॉप और मोबाइल फोन में चैट, कॉल डिटेल, मेल, लोकेशन और घटना से पहले-बाद की अहम जानकारी हो सकती थी, उन्हें 13 दिन तक जब्त क्यों नहीं किया गया।

यह है अहम सवाल

10.53 बजे मौत के बारे में सूचना देने के 14 मिनट बाद सीपीआर क्यों दिया गया?
10.50 से 11.07 बजे के बीच छत पर क्या-क्या हुआ। कौन-कौन वहां गया था।
समर्थ के रिश्तेदार का नाम कई दिनों बाद क्यों सामने आया।
ट्विशा को अस्पताल जाने में दो घंटे का समय क्यों लगा?

12 मई की रात क्या-क्या हुआ था

-रात 10.13 बजे ट्विशा बाएं हाथ में हेडफोन लेकर छत पर जाती हुई नजर आई।
-10.45 बजे ट्विशा की मां ने गिरिबाला को फोन पर सूचना दी कि वो रो रही है, फोन रिसीव नहीं कर रही है,उसे देखिए कहां है?
-10.50 पर गिरिबाला छत पर पहुंची। गिरिबाला के मुताबिक उन्होंने ट्विशा को फंदे पर लटका देखा। इसके तीन मिनट बाद ही ट्विशा की मां का फोन आया तो गिरिबाला ने कहा वह नहीं रही।
-सीसीटीवी फुटेज के अनुसार 1057 बजे गिरिबाला और समर्थ दोबारा छत पर जाते नजर आए। लगभग 11 बजे समर्थ का रिश्तेदार स्वराज भी दौड़ते हुए ऊपर पहुंचता है और डेढ़ मिनट बाद नीचे आता है। इसके बाद एक अन्य महिला भी टेरेस पर जाती हुई नजर आती है। खुद समर्थ के वकीलों का दावा है कि समर्थ ने ही ट्विशा को फंदे से उतारा था।
-11.07 बजे ट्विशा को फंसे से उतारकर सीढ़ियों पर ही सीपीआर दिया गया। हालत नहीं सुधरी तो ग्राउंड फ्लोर पर लाया गया।
-11.10 बजे एम्स के लिए यह लोग रवाना हो गए।
-एम्स के सीसीसीवी कैमरे में उनकी एंट्री रात 12.05 पर होती है।