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ट्विशा शर्मा केस: ट्विशा की मां की तबीयत बिगड़ी, बर्दाश्त नहीं कर सकीं बेटी की मौत का सदमा

Twisha sharma case - पुलिस जांच पर भरोसा नहीं, ट्विशा शर्मा के परिजनों की मांग-सीबीआइ को तुरंत सौंपा जाए केस

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Twisha sharma case

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Twisha sharma case - भोपाल के चर्चित ट्विशा शर्मा मौत मामले में परिवार ने पुलिस जांच पर सवाल उठाते हुए केस को सीबीआई को तुरंत सौंपने की मांग की है। शनिवार को आरोपी समर्थ सिंह को सात दिन की पुलिस रिमांड पर भेजे जाने के बाद परिवार ने मीडिया से बातचीत में यह मांग उठाई। ट्विशा के भाई मेजर हर्षित शर्मा ने आरोप लगाया कि शुरुआत से ही मामले की जांच हल्के तरीके से की गई। उन्होंने कहा कि पुलिस की भूमिका भी अब संदेह के घेरे में दिखाई दे रही है। इस बीच ट्विशा शर्मा की मां की तबीयत बिगड़ गई है। वे बेटी की मौत का सदमा बर्दाश्त नहीं कर पा रहीं हैं।

ट्विशा शर्मा के पिता नवनिधि शर्मा ने भोपाल पुलिस की जांच प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस का रवैया शुरु से ही खराब है। कटारा हिल्स पुलिस ने ट्विशा की संदिग्ध मौत के कई सबूतों को पूरी तरह अनदेखा किया है।

नवनिधि शर्मा ने कहा है कि घटना के बाद मौके को सील नहीं किया गया। इसके साथ ही पोस्टमार्टम के दो दिन बाद फंदे से जुड़ी सामग्री एम्स को सौंपी गई। उनका कहना है कि इन कदमों से पूर्व जज गिरिबाला सिंह को फायदा पहुंचा। उन्होंने कहा कि परिवार को केवल सीबीआई जांच पर भरोसा है और उन्हें उम्मीद है कि इसी से न्याय मिलेगा।

ट्विशा की मां की तबीयत बिगड़ी

ट्विशा शर्मा के परिजन इंसाफ के लिए नोएडा से भोपाल आकर रह रहे हैं। उन्हें यहां करीब 12 दिन हो गए हैं। ट्विशा की मौत की खबर सुनने के बाद से ही मां की हालत खराब है। अब उनकी तबीयत और बिगड़ गई है।

बेटी की मौत के सदमे से वह अभी तक उबर नहीं पाई

परिवार के अनुसार शुक्रवार रात से ट्विशा की मां की तबीयत बेहद खराब है और उनका इलाज चल रहा है। बेटी की मौत के सदमे से वह अभी तक उबर नहीं पाई हैं। ट्विशा शर्मा के परिजनों को इस बात का भी बहुत गम है कि पति समर्थ सिंह के चेहरे पर किसी तरह का कोई पछतावा नहीं दिख रहा।

ट्विशा के भाई मेजर हर्षित शर्मा ने आरोप लगाया कि कोर्ट में पेशी के दौरान वह मुस्कुराता नजर आया। ऐसा बिल्कुल नहीं लग रहा था कि उसे अपनी पत्नी की मौत का दुख है।

बता दें कि इस बहुचर्चित मामले में देश की शीर्ष कोर्ट ने स्वत: संज्ञान लिया है। केस को 'ससुराल में युवती की अस्वाभाविक मौत के मामले में संस्थागत पक्षपात और प्रक्रिया संबंधी गड़बडिय़ों के आरोप पर स्वत: संज्ञान' शीर्षक से दर्ज किया है। सोमवार को शीर्ष कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस विपुल पंचोली की बेंच इस पर सुनवाई करेगी। कोर्ट ने संज्ञान शुक्रवार शाम 6.30 बजे मीडिया रिपोर्ट और अन्य परिस्थितियों के आधार पर दर्ज किया।