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भोपाल। महिलाओं के लिए पहले से ही असुरक्षित ( Unsafe Bhopal ) बन चुकी मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में अब कॉलोनियों की सुरक्षा में तक छेद ( Unsafe Bhopal ) होना शुरू हो गया है। जिसके चलते शहर के कई रहवासी अब अपने को महफूज मानने को तैयार नहीं दिखते।
दरअसल पहले तो महिला सुरक्षा के नाम पर कुछ समय के लिए पुलिस को अलर्ट किए जाने के बाद वापस वहीं वारदातें होने से प्रदेश में ही नहीं पूरे देश में ही भोपाल की बदनामी होनी शुरू हो गई थी। लेकिन अब नई आई सरकार की सुरक्षा ( Unsafe Bhopal ) को लेकर जिम्मेदारी और भी निचले स्तर पर जाती दिख रही है।
यहां तक की कई लोगों का मानना है कि सुरक्षा के नाम पर शून्य ( Unsafe Bhopal ) होती मध्य प्रदेश की राजधानी- की चिंता न तो मध्य प्रदेश पुलिस को है! और न ही कमलनाथ सरकार को...
तभी तो आए दिन होने वाली वारदातों या वारदातों की कोशिशों पर अंकुश लगता नहीं दिख रहा है। दरअसल शहर में हो रही वारदातों के बीच राजधानी के सबसे बड़े कवर्ड कैंपस का दावा करने वाली एक कॉलोनी रुचि लाइफ स्केप्स भी पिछले कई दिनों से सुरक्षा की कमी के चलते असुरक्षित होती जा रही है। जिसके कारण इस कॉलोनी में रहने वाले कई लोग खौफ के साये में हैं।
इसलिए हैं खौफ में...
ऐसा ही एक मामला सोमवार को भी सामने आया,जहां रात करीब 3.30 बजे कुछ युवक रुचि लाइफ के अपार्टमेंट वाले एरिया में जा पहुंचे। यहां बी-5 में रहने वाले एक बुजूर्ग दंपत्ति का दरवाजा इन लोगों ने जमकर बजाया, ऐसे में अचानक रात के समय अपने दरवाजे पर ऐसे किसी के लात घूसे मारने की आवाजें सुनकर यहां रहने वाले बुजूर्ग दंपत्ति डर गए।
जिस पर उन्होंने अपनी ही मंजिल पर रहने वाले पड़ोसी को फोन कर इस संबंध में जानकारी दी। जिस पर पड़ोसी जैसे तैसे बाहर आए और नीचे आते ही दो युवकों को पकड़ लिया। इसी दौरान कॉलोनी का सिक्योरिटी इंचार्ज भी वहां आ गया।
जिसके बाद युवकों से पूछताछ की गई तो वे एक नई ही कहानी बताने लगे कि हमारी कोई दोस्त यहीं कहीं रहती है। उसे ढूंढने आए थे। जिसके बाद ये दोनों युवक जैसे तैसे करके अपनी लाल कार में वहां से चले गए।
खौफ का आलम...
चुकिं इस समय रात का समय था, अत: अधिकतर कॉलोनी वासी इस समय नींद में थे,ऐसे में घटना का सभी को उसी समय पता नहीं चला। जबकि इस दौरान इस घटना का जिसे भी पता चला सभी खौफ में आ गए। वहीं खौफ के चलते घरों से बाहर नहीं निकलने के बीच, कॉलोनी वासी आपस में सोशल मीडिया से एक दूसरे का हालचाल व घटना की जानकारी लेते रहे।
ये रही कमी...
इस पूरे मामले में यह जरूर कमी रही कि इस घटना में युवक छोड़ दिए गए। या पुलिस तक लोग नहीं गए। लेकिन जानकारों का भी मानना है पुलिस गश्त के बिना वारदातों पर रोक लगाना तो दूर पुलिस अपना सूचना तंत्र तक मजबूत नहीं कर सकती। कुछ ऐसी ही स्थिति इस कॉलोनी की भी है, जहां दूर दूर तक भी कभी भी चाहे रात हो या दिन पुलिस दिखाई नहीं देती।
सुरक्षा पर सवाल...
इस कॉलोनी रुचि लाइफ में लगातार हो रही ऐसी घटनाएं साफ तौर पर जाहिर करती है, कि भविष्य में यहां कोई बड़ी वारदात हो सकती है। लेकिन वारदात से पहले पुलिस का सूचना तंत्र यहां इस कदर फेल है कि उसे कई बार तो इन घटनाओं की सूचनाएं तक नहीं मिलतीं।
ऐसे में रहवासियों का भी मानना है कि शायद पुलिस या कमलनाथ सरकार ऐसे मामलों को लेकर तभी जागेंगी जब कोई बड़ी वारदात हो जाएगी और तब भी केवल लकीर ही पीटती रहेगी।
पहले भी हो चुकी हैं ऐसी वारदातें...
इस कॉलोनी रुचि लाइफ में पूर्व में भी ऐसी कई वारदातों की कोशिशें हो चुकीं हैं, यहां तक की एक बार तो कुछ युवक 6वीं मंजिल के एक फ्लैट की बालकनी तक रात में जा पहुंचे थे। लेकिन इसके बावजूद न तो यहां आसपास रात में पुलिस का पहरा लगाया गया और न ही यहां किसी प्रकार की गश्त देखी गई।
इससे पहले भी रुचि लाइफ के अपार्टमेंट के एक फ्लैट में रात में युवकों द्वारा फ्लैट का दरवाजा जमकर लात घूसों से बजाने का मामला सामने आ चुका है। इस दौरान भी उस घर के लोग दहशत में रहे थे, और गेट नहीं खोलने के चलते युवक वहां से फरार हो गए थे।
आज हुई घटना...
: रात 3.30 बजे किसी के घर में आना और जान पहचान नहीं होने पर भी जोर जोर से दरवाजा बजाया।
: बताया जाता है यहां घर के सामने पहुंचा युवक लगातार अपने चेहरे को कैमरे से बचाने का प्रयास कर रहा था।
: कार लाल रंग की थी।
: घर के सभी डर गए।
: बाद में देख लिए जाने पर युवाओं ने खुद को विदिशा का बताया।और जल्द से जल्द वहां से चले गए।
Updated on:
02 Sept 2019 03:25 pm
Published on:
02 Sept 2019 02:57 pm
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