
भोपाल। मध्यप्रदेश में सरकार ने कोरोनारोधी टीका लगवानेवालों को और सुविधा दी है. टीके के बाद निगरानी में आधे घंटे तक बैठे लोगों की अब बीपी, शर्करा, हीमोग्लोबिन आदि जांचें की जाएंगी। यह सुविधा भोपाल में काटजू अस्पतालल में शनिवार से शुरू की गई है। इसके अलावा शहर में टीकाकरण के लिए पांच वैन भी शुरू की गई हैं। इन दोनों सुविधाओं का चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग ने शुभारंभ किया।
दोनों सुविधाएं गैर सरकारी संगठन की तरफ से शुरू की गई हैं। टीकाकरण वैन के संचालन में एक बैंक ने भी मदद की है। काटजू अस्पताल में बीपी, शर्करा, वजन, हीमोग्लोबिन जांच की सुविधा शुरू कर दी गई है। टीका लगवाने के बाद लोगों को आधे घंटे तक निगरानी में बैठाया जाता है। इस दौरान लोगों की यह जांचें की जाएंगी। वजन देखने के बाद उनका बाडी मास इंडेक्स भी निकालकर बताया जाएगा।
जांच के नतीजे असामान्य आने पर उनकी काउंसलिंग की जाएगी। उन्हें आगे सही जगह पर जांच कराने की सलाह दी जाएगी। इसके अलावा स्वस्थ जीवन शैली रखने के लिए लोगों को समझाइश भी दी जाएगी। यहां बताया जाएगा कि स्वास्थ्यवर्धक आहार क्या हैं। खान-पान किस तरह से रखने की जरूरत है। इसके अलावा व्यायाम करने की सलाह भी दी जाएगी।
जहां 50 लोग, वहां पहुंचेगी वैन
प्रदेश के चिकित्सा मंत्री सारंग ने बताया यह वैन ऐसी जगह पर खड़ी की जाएंगी, जहां पर ज्यादा से ज्यादा लोगों को टीका लगाया जा सके। सार्वजनिक स्थल, मेला, अन्य तरह के कैंप में यह वैन भेजी जाएंगी। इसके अलावा किसी कालोनी में भी यदि 50 से ज्यादा लोग हैं तो वैन को टीकाकरण के लिए भेजा जा सकेगा। 30 साल से ऊपर के लोगों को ही इन वैन के जरिए टीका लगाया जाएगा। दोनों तरह की वैक्सीन इनमें लगेगी।
प्रदेश में अब 15 से 18 साल तक की उम्र के सभी किशोरों को दोनों डोज और स्वास्थ्यकर्मियों, अग्रिम पंक्ति के कर्मचारियों और दूसरी बीमारियों से पीड़ित 60 साल से ऊपर के लोगों को सतर्कता डोज लगाने पर ध्यान दिया जा रहा है। भोपाल में 18 साल से ऊपर के 19 लाख 50 हजार लोगों को टीका लगाने का लक्ष्य था।
Published on:
06 Feb 2022 08:37 am
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