
Vande Bharat Train
जब तक निकले गेट ऑटोमेटिक लॉक हो चुके थे। उन्हें जुर्माना भरकर उज्जैन से वापस लौटना पड़ा। वे परिवार सहित हैदराबाद से दक्षिण एक्सप्रेस से भोपाल आए थे। आगे उन्हें अपने घर सिंगरौली जाना था। उन्होंने बताया कि बीमारी के कारण उन्हें बार-बार टॉयलेट जाना होता है।
स्टाफ को बताया, पर भरना पड़ा जुर्माना
अब्दुल कादिर ने बताया कि ट्रेन को रोकने के लिए टिकट चेकिंग स्टाफ के अलावा ट्रेन में मौजूद आरपीएफ से भी अनुरोध किया, लेकिन किसी ने नहीं सुना। आखिर में जुर्माना भरना पड़ा। अब्दुल का आरोप है कि उसने अलग-अलग कोच के तीन टिकट कलेक्टर्स (TC) और चार पुलिसकर्मियों से मदद मांगी, लेकिन उन्होंने हाथ खड़े कर दिए। सभी ने कहा कि ट्रेन के दरवाजे केवल ड्राइवर ही खोल सकता है। अब्दुल के मुताबिक, उसने ट्रेन ड्राइवर को अप्रोच करने की कोशिश की, लेकिन उसे ऐसा करने से रोक दिया गया।
लगा 6,000 रुपये का फटका
अब्दुल को वंदे भारत ट्रेन में बेटिकट यात्रा करने के लिए 1,020 रुपये का जुर्माना भरना पड़ा। ट्रेन भोपाल से चलकर सीधे उज्जैन जाकर रूकी। वहां से अब्दुल को बस में सवार होकर वापस भोपाल आने के लिए 750 रुपये खर्च करने पड़े। उधर, अब्दुल को गायब देखकर उसकी पत्नी और बेटा भी चिंता में आ गए और उन्होंने भी सिंगरौली जाने वाली दक्षिण एक्सप्रेस में सवार होने के बजाय अब्दुल को तलाशना शुरू कर दिया।
अब्दुल के मुताबिक, दक्षिण एक्सप्रेस में सिंगरौली जाने के लिए उसने 4,000 रुपये के टिकट खरीदे थे, लेकिन यात्रा नहीं कर पाने से यह पैसा भी बेकार हो गया। इस तरह उसे महज ट्रेन के अंदर घुसकर टॉयलेट करने का खामियाजा करीब 6,000 रुपये गंवाकर भुगतना पड़ा।
Published on:
21 Jul 2023 12:34 pm
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