16 फ़रवरी 2026,

सोमवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

घास काट रही मां के पास वर्दी पहनकर पहुंचा अफसर बेटा, दोनों में हुई आत्मीय बातचीत, देखें वीडियो

नौकरी ज्वाइन करने के पांच साल बाद पहली बार वर्दी पहनकर अपने गांव पहुंचे थे डीएसपी...

2 min read
Google source verification
bhopal.jpg

भोपाल. खेत पर घास काट रही मां के पास जब अफसर बेटा वर्दी पहनकर पहुंचा तो दोनों के बीच आत्मीय बातचीत हुई। ये पूरी बातचीत अफसर बेटे ने मोबाइल में कैद की है जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है। इस वीडियो को 48 घंटे में 80 लाख के करीब लोगों ने देखा है और लाइक व कमेंट किए हैं। जो अफसर बेटा वीडियो में नजर आ रहा है उनका नाम संतोष पटेल है जो कि ग्वालियर के घाटीगांव में एसडीओपी हैं।

अफसर ने खुद सोशल मीडिया पर पोस्ट किया वीडियो
सतना में तीन दिन पहले अमित शाह के दौरे के कारण ग्वालियर घाटीगांव एसडीओपी संतोष पटेल की ड्यूटी भी लगी थी। ड्यूटी के बाद वापस लौटते वक्त एसडीओपी संतोष पटेल वर्दी में ही पन्ना जिले के अजयगढ़ के देवगांव पहुंच गए जो कि उनका पैतृक गांव हैं। घर पहुंचे तो मां नहीं थी उन्होंने मां के बारे में पूछा तो परिवार के सदस्यों ने बताया मां घास काटने खेत गई है। फिर वर्दी में ही संतोष पटेल मां से मिलने के लिए खेत पर पहुंच गए जहां घास काट रही मां और उनके देशी भाषा में बड़ी ही आत्मीय बातचीत हुई। बातचीत का पूरा वीडियो एसडीओपी संतोष पटेल ने सोशल मीडिया पर पोस्ट किया है और इसके कैप्शन में लिखा है- डीएसपी बने 5 साल हो गए और पहली बार अपनी मां के पास वर्दी में मिलने खेत पर पहुंचा जिसका मातृभाषा में संवाद। अम्मा खेत म गुड़ाली छुवालत। मैं कैहौं कि आराम से रहो कर अब य काम करैं कै जरूरत निहाय तौ बोली महतारी कै ममता नहीं मानत याय, अपने बेटन का 2 रुपिया जोड़य चाहत ही। पढ़ाई करो चाहिए कहे से नौकरी राजा चीज होत ही, पढ़े से राज गद्दी मिलत ही। कभी मुंह से डांटा, कभी डंडे से पीटा कभी नींबू के पेड़ से बांधा, अनपढ़ थी लेकिन पढ़ाई के माहौल में बांधकर रखा। जमीन, जायदाद और नेता विधायक सब फेल हैं सरकारी नौकरी के आगे। किसी को मेहनत की कोचिंग लेना हो तो देवगाँव में बिना फीस, ले सकता है मेरी अम्मा से अमृत आशीष। सुनें शायद आपको अच्छा महसूस होगा क्योंकि प्रत्येक माँ बच्चों के लिए कुछ न कुछ जोड़कर रखना चाहती है।
ऐ गरीबी देख तेरा गुरुर टूट गया तेरा मुंह काला हो गया,
तू दहलीज पर बैठी रही और मेरा बेटा पुलिसवाला हो गया।
ये #मेहनत से चमकती है और #संघर्ष से निखरती है,
#ज़िंदगी किसी की भी हो धीरे-धीरे सजती संवरती है।

देखें वीडियो-

गरीबी और संघर्ष में बीता है बचपन
बता दें कि संतोष पटेल का बचपन संघर्ष में बीता है। पन्ना जिले के देवगांव के रहने वाले संतोष गांव के ही सरकार स्कूल में पढ़ते थे, पढ़ाई के साथ साथ संतोष को अपने पिता के साथ पत्थर तोड़ना, जंगल मे पौधे लगाना, तेंदूपत्ता संग्रहण में हाथ बंटाना पड़ता था। इसके बाद उत्कृष्ट विद्यालय पन्ना में दाखिला लिया, यहां 10वीं 12 वीं की पढ़ाई पूरी की। इसके बाद IIT पास कर भोपाल से सिविल इंजीनियरिंग का कोर्स किया और साल 2015 में संतोष ने कसम खा ली कि 'जब तक लाल बत्ती वाली नौकरी नहीं मिलेगी मैं अपनी दाढ़ी नहीं बनाऊंगा'। शुरुआत में गांव वाले इस बात को लेकर संतोष को ताने भी देते थे। इसी बीच संतोष को वन रक्षक की नौकरी मिल गई और वन रक्षक की नौकरी के दौरान उन्होंने मेहनत व पढ़ाई जारी रखी और साल 2018 में उप पुलिस अधीक्षक के पद पर उनका चयन हो गया।

देखें वीडियो-