
vyapam case police constable recruitment exam 2013 case
भोपाल. बहुचर्चित व्यापमं घोटाला में एक मामले में दो आरोपियों को दोषी पाया गया है। कोर्ट ने दो दोषियों को सजा सुनाई है, आरोपियों में से एक की मौत हो चुकी है। व्यापमं के पुलिस आरक्षक भर्ती में फर्जीवाड़ा करने का दोषी पाए जाने पर कोर्ट ने दोनों को 7-7 साल की सजा सुनाई है। इस मामले में CBI ने 3 लोगों को आरोपी बनाया था।
व्यसायिक परीक्षा मंडल यानि प्रोफेशनल एग्जामिनेशन बोर्ड— व्यापमं द्वारा वर्ष 2013 में पुलिस आरक्षक भर्ती परीक्षा आयोजित की गई थी. इस परीक्षा में फर्जीवाडा करनेवाले तीन लोगों को सीबीआई द्वारा आरोपी बनाया गया था. इसमें से दो आरोपियों पर दोष प्रमाणित हो गया जिन्हें सजा भी सुना दी गई है. विशेष न्यायाधीश नीति राज सिंह सिसोदिया ने दोषियों को 7-7 साल के कठोर कारावास के साथ ही 10-10 हजार रुपए के जुर्माने की सजा सुनाई है।
दलाल सतीश जाटव ने सौदा कर परीक्षार्थी ओम प्रकाश त्यागी के स्थान पर प्रखर त्रिवेदी नाम के व्यक्ति से परीक्षा दिलवाई थी। CBI के निरीक्षक शिरीष पावडे द्वारा इस प्रकरण में विवेचना की गई थी। आरोपियों ओमप्रकाश त्यागी और सतीश जाटव ने कूट रचित दस्तावेजों का उपयोग किया, इसके साथ ही मूल्यवान प्रतिभूति के कूट दस्तावेज भी बनाए। इन दोनों को मध्य प्रदेश परीक्षा मान्यता प्राप्त परीक्षा अधिनियम के तहत के तहत दोषी पाया गया।
परीक्षा पास कराने की गारंटी देकर दलाल सतीश जाटव ने परीक्षार्थी ओम प्रकाश त्यागी से एक लाख 25 हजार रुपए लिए थे। इसमें से कुछ राशि नगद ली जबकि शेष राशि का बैंक के माध्यम से भुगतान किया गया था। सीबीआई के विशेष लोक अभियोजक सतीश दिनकर ने बताया कि इस मामले में आरोपी ओम प्रकाश त्यागी और सतीश जाटव को IPC की विभिन्न धाराओं के तहत आपराधिक साजिश के लिए सजा दी गई है। इस मामले में तीसरे आरोपी परीक्षा देने प्रखर त्रिवेदी की मृत्यु हो चुकी है।
Published on:
01 Aug 2021 03:37 pm
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