व्यापमं: थाने पहुंचे घोटाले के आरोपी पूर्व शिक्षा मंत्री, बाहर खड़े देख रहे थे कांग्रेसी
पमं घोटाले के आरोपी पूर्व मंत्री लक्ष्मीकांत शर्मा हाईकोर्ट के आदेशानुसार रविवार को हाजिरी देने सिरोंज थाने पहुंचे। इस मामले को लेकर दिन भर चर्चा रही।
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भोपाल/विदिशा/सिरोंज. व्यापमं घोटाले के आरोपी पूर्व मंत्री लक्ष्मीकांत शर्मा हाईकोर्ट के आदेशानुसार रविवार को हाजिरी देने सिरोंज थाने पहुंचे। इस मामले को लेकर दिन भर चर्चा रही।
गौरतलब है कि पूर्व मंत्री शर्मा व्यापमं घोटाले में लगभग 18 महीने जेल में रहे थे। इसके बाद हाई कोर्ट ने उन्हें जमानत दी थी, लेकिन उस समय हर सप्ताह थाने में हाजिरी देने की शर्त रखी थी। बाद में शर्मा ने फिर अपील कर हाजिरी के दिन कम करने का आग्रह किया था। जिस पर हाई कोर्ट ने माह के अंतिम रविवार को सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे के बीच सिरोंज थाने में हाजिरी देने के आदेश दिए। इसी के पालन में शर्मा थाने पहुंचे।
इसी को देखते हुए कुछ कांग्रेस नेता सुबह 9.30 बजे से ही थाने के बाहर हाई कोर्ट के आदेश की छाया प्रति लेकर खड़े थे। उनका कहना था कि पूर्व में शर्मा द्वारा थाने में दी जाने वाली हाजिरी की भनक किसी को नहीं लगती थी कि वे कब आए और कब गए। इसलिए हम खड़े हैं। सुबह करीब 10.07 बजे शर्मा कार से थाने पहुंचे। उनके साथ दो भाजपा पार्षद भी थे। वे पुराने थाना परिसर वाले गेट से होते हुए नए थाना भवन में पहुंचे।
थाने में शर्मा के पहुंचते ही पुलिस ऐसे खड़ी नजर आई, जैसे कोई वर्तमान मंत्री आए हों। पुलिस ने शर्मा को खातिरदारी में पानी तो पिलाया, लेकिन चाय नहीं। शर्मा थाने में लगभग तीन-चार मिनट रुके। फिर दोनों पार्षदों की ओट में दीवार किनारे से होते हुए पुराने थाना भवन के गेट से ही बाहर निकल गए। वहां उनकी कार चालू खड़ी थी। शर्मा को देखते ही एक वृद्ध हाथ जोड़ते हुए उनके पास पहुंचा, लेकिन शर्मा इतनी जल्दी में थे कि रुके बिना चले गए। उल्लेखनीय है कि पूर्व मंत्री शर्मा के विरोध में कांग्रेस पूर्व में कुछ कार्यक्रमों में विरोध प्रदर्शन भी कर चुकी है। कांग्रेस लगातार यह मांग करती रही है कि इस घोटाले के सभी आरोपियों के नाम सार्वजनिक कर उन्हें कड़ी सजा दी जाना चाहिए।
पूर्व मंत्री ने लिखा प्रधानमंत्री को पत्र
पूर्व मंत्री लक्ष्मीकांत शर्मा ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान सहित अन्य केन्द्रीय मंत्रियों एवं अधिकारियों को पत्र लिखा है। जिसमें सिरोंज-लटेरी विस क्षेत्र में खराब हो रही फसलों का सर्वे कराने की मांग की है।
मालूम हो कि बीते तीन वर्षों से इस विधानसभा क्षेत्र में अतिवृष्टि, ओले गिरने, पाला पडऩे एवं अन्य प्राकृतिक आपदाओं से रवि एवं खरीफ की फसलें चौपट हो रही हैं। इस साल भी अतिवृष्टि के कारण सोयाबीन एवं उड़द की फसलें लगभग 80 प्रतिशत खराब हो गई हैं। जिससे क्षेत्र के किसानों को भारी आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ रहा हैं। पूर्व मंत्री शर्मा ने पत्र में कहा है कि क्षेत्र में वर्ष 2015 के फसल बीमा का भुगतान अब तक क्षेत्र के किसानों को नहीं हो पाया है। इस वर्ष भी अब तक सर्वे नहीं कराया गया।
किसानों ने रवि सीजन की बोवनी का समय निकट आने के कारण किसानों ने नुकसान के बाद बची खरीफ फसल की कटाई की तैयारी कर ली है। जिन किसानों की फसलें लगभग पूरी तरह नष्ट हो गई हैं, उन्होंने भी अगले सीजन की तैयारी शुरू कर दी है। फसल कट जाने के बाद सर्वे होना असंभव हो जाएगा। पीडि़त किसानों को सरकार की योजनाओं का लाभ नहीं मिलेगा। इसलिए जल्द सर्वे कराकर मुआवजा दिया जाए।
व्यापमं घोटाले के आरोपी पूर्व मंत्री लक्ष्मीकांत शर्मा को जमानत मिलने के बाद पहले प्रति सप्ताह थाने में हाजिरी देना थी, लेकिन पहली बार शर्मा थाने में हाजिरी देने आते दिखाई दिए। ऐसा लगता है कि पूर्व में शर्मा की हाजिरी पुलिस जवानों द्वारा घर पहुंचकर ली जाती थी।
अंसार अहमद, पूर्व सरपंच नरखेड़ा
कांग्रेस कार्यकर्ता सक्रिय हुए और थाने के सामने शर्मा की निगरानी करने बैठ गए। भनक लगते ही शर्मा को मजबूरन थाने आना पड़ा। अन्यथा सप्ताह भर में एक बार हाजिरी देने वाले शर्मा पूर्व में थाने में दिखाई नहीं दिए।