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जानलेवा बन रहे जल स्त्रोत, खुली खदानों और जलाशयों में डूबने से हो रहे हादसे

शहर के आसपास बनी खदानें और जलाशय लोगों के लिए जानलेवा बन रहे हैं। खदानों और तालाबों में डूबने से दुघर्टनाएं हो रही हैं। कई बार लोगों को अपनी जान तक गंवानी पड़ रही है। सोमवार को बैरिसया क्षेत्र के ललरिया गांव और बिलखिरिया क्षेत्र के कान्हासैया में डूबने से चार लोगों की मौत हो गई।
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भोपाल

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Rohit Prasad Verma

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Updated: 31 Jul 2024, 11:29 AM IST

Accidents due to drowning in water sources, open mines and reservoirs are becoming deadly.

Accidents due to drowning in water sources, open mines and reservoirs are becoming deadly.

बैरसिया में तालाब में डूबने से तीन बच्चों की मौत, कान्हासैया में वृद्धा डूबी

इस तरह के हादसों को रोकने कलेक्टर ने खदानों में फेंसिंग कराने व उन्हें खाली करने के दिए निर्देश

भोपाल. शहर के आसपास बनी खदानें और जलाशय लोगों के लिए जानलेवा बन रहे हैं। खदानों और तालाबों में डूबने से दुघर्टनाएं हो रही हैं। कई बार लोगों को अपनी जान तक गंवानी पड़ रही है। सोमवार को बैरिसया क्षेत्र के ललरिया गांव और बिलखिरिया क्षेत्र के कान्हासैया में डूबने से चार लोगों की मौत हो गई। वहीं अपे्रल के महीने में रातीबड़ क्षेत्र में डूबने से दो सगी बहनों की डूबने से मौत हो गई थी। आगे ऐसी घटनाएं न हों इसे रोकने के लिए कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने खदानों की फेंसिंग कराने या खाली कराने के निर्देश दिए हैं।

बैरसिया क्षेत्र में तालाब में डूबने से तीन बच्चों की मौत

बैरसिया क्षेत्र के ललरिया गांव में सोमवार को तालाब में डूबने से तीन बच्चों की मौत हो गई। घटना का पता चलते ही पुलिस, प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे और तलाश शुरू कर दी थी। इस दौरान एक बच्चे का शव तालाब से निकाल लिया गया था। दो बच्चों के शव सुबह निकाले गए। ललरिया गांव के रहने वाले तीन बच्चे रविवार शाम पांच बजे घर से निकले थे। देर रात तक वापस नहीं लौटे तो परिजनों ने उनकी तलाश शुरू की। इस दौरान गांव से दो किलोमीटर दूर स्थित तालाब के किनारे बच्चों के कपड़े रखे मिले। परिजनों ने इसकी सूचना पुलिस को दी।

मौके पर पहुंची पुलिस टीम और गोताखोरों ने बच्चों की तलाश शुरू की। इस दौरान एक बच्चे का शव तालाब से बाहर निकाल लिया गया। रात साढ़े 11 बजे तक दो बच्चों की तलाश करने रेस्क्यू जारी था। बच्चों के नाम राज, नीलेश और एहतेशाम है। रात को राज अहिरवार का शव मिला जबकि नीलेश और एहतेशाम का शव सुबह निकाला गया। कलेक्टर भोपाल कौशलेंद्र विक्रम सिंह मामले की गंभीरता को देखते हुए घटना स्थल पर पहुंचे। जिस तालाब में तीनों बच्चे डूबे हैं, यह इसी साल मनरेगा योजना के तहत बनाया गया था। तालाब की गहराई 6 से 7 फीट है।

सुबह घर से निकली महिला का खदान में मिला शव

29 जुलाई को बिलखिरिया क्षेत्र में रहने वाले वाली वृद्धा का शव खदान में मिल। वृद्धा सोमवार सुबह करीब 5 बजे शौच के लिए घर से निकली थी। 9 बजे तक नहीं लौटी तो परिजनों ने तलाश शुरू की। सुबह 11 बजे करीब थाना बिलखिरिया में गुमशुदगी दर्ज कराने पहुंचे। वहां से पुलिस तलाश के लिए साथ रवाना हुई। खदान पर पहुंचे तो एक किनारे पर शव तैरता दिखा।

खेत में बनें तालाब में डूबने से दो की मौत

12 अप्रेल को रातीबड़ के ग्राम बड़झिरी में रहने वाली दो सगी बहनों की ग्राम आमला में खुद के खेत में बने तालाब में डूबने से मौत हो गई थी। दोनों मां के साथ खेत पर गई हुई थीं और खेलते-खेलते तालाब पर पहुंच गईं। दोनों बहने तालाब में बने पाइप से खेलते समय तालाब में गिर गईं और डूबने से दोनों की मौत हो गई थी। दीप्ति पांचवीं और तनुश्री तीसरी कक्षा में पढ़ती थी।

कलेक्टर पहुंचे घटना स्थल पर

सोमवार को दो जगहों पर हुए हादसों के बाद कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह मौके पर पहुंचे और तालाब व खदान का निरीक्षण किया। इस दौरान कलेक्टर ने नजूल क्षेत्र के अधिकारियों को खदान और तालाब को खाली कराने के निर्देश दिए। साथ ही खदानों को फेंसिंग कराने या उन्हें खाली कराने के निर्देश दिए हैं, ताकि इस तरह की दुर्घटना न हो। कलेक्टर के निर्देश के बाद नजूल क्षेत्र से जुड़े प्रशासनिक अधिकारी खदान का पानी खाली कराने की कवायद में लगे रहे।

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