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भोपाल। शास्त्रों में मां दुर्गा के नौ रूपों को बताया गया है। नवरात्रि के समय देवी के इन स्वरूपों की पूजा विशेष रूप से की जाती है। नवरात्रि के नौ दिन लगातार माता पूजन चलता है। शहर के ज्योतिषाचार्य पंडित जगदीश शर्मा बताते है कि इस दौरान मां दुर्गा के नौ रूपों की पूजा की जाती है। पंडित जी बताते है कि इस बार के शारदीय नवरात्रि कई सालों के बाद एक बेहद शुभ संयोग लेकर आया है। ये ग्रह संयोग बेहद विशेष हैं और पंचांग के मुताबिक इन दिनों में उपासना करने का फल अभूतपूर्व साबित होगा। वहीं पंडित जी ये भी बताते है कि अगर आप इस नवरात्रि में मां दुर्गा को प्रसन्न करना चाहते है तो अपने घर में नवरात्रि को कुछ चीजों को बिलकुल न करें। नवरात्रि में कुछ चीजों का सेवन करना बहुत अपशकुन माना जाता है। इन चीजों में लहसुन और प्याज शामिल होता है।
इसलिए नहीं खाया जाता लहसुन और प्याज
नवरात्रि के दौरान लहसुन और प्याज न खाने के पीछे कई कथाएं भी हैं। वैसे बता दें कि लहसुन और प्याज को तामसिक भोजन माना जाता है। नौ दुर्गा के दिनों में लहसुन और प्याज का सेवन करने से मां जगदम्बे के पूजन में बाधा पड़ती है जो सही नहीं माना जाता है। इसके पीछे एक पौराणक कथा ये भी भी है कि जिस समय समुंद्र मंथन किया जा रहा था तो अमृत निकलने के बाद जब देवताओं में इसका बंटवारा हो रहा था तब एक असुर राक्षस ने इसका सेवन धोखे से कर लिया था। ऐसा हो ये देवता नहीं चाहते थे इसलिए भगवान विष्णु ने क्रोधित होते हुए उसका सिर धड़ से अलग कर दिया लेकिन अमृत के प्रभाव से उस असुर की मृत्यु नहीं हुई।
इसी असुर के सर को राहू और धड़ को केतू कहा जाता है। ऐसी मान्यता है कि जब इस राक्षस का सिर धड़ से अलग हुआ था तब जो भी रक्त की बूंदें पृथ्वी पर गिरी थीं उसी से लहसुन और प्याज की उत्पत्ति हुई इसलिए इसे तामसिक भोजन माना जाता है।
पूजा में माना जाता है वर्जित
अगर आप नौ दिन के व्रत रखते है तो कभी भी लहसुन और प्याज का सेवन न करें। अगर आप ऐसा करते है तो आपको भी महापाप लग सकता है। ऐसा करने से घर की सुख और समृद्धि भी खो जाती है। हमेशा इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि जब भी घर में कोई पूजा हो या किसी ने घर में व्रत रखा हो तो न तो प्याज और लहसुन का सेवन कोई करें और न ही घर की रसोई में प्याज लहसुन का सेवन किया जाए।
Published on:
12 Oct 2018 05:44 pm
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