
भोपाल. मध्यप्रदेश में छात्र—छात्राएं परीक्षा नहीं देना चाहते बल्कि जनरल प्रमोशन की मांग कर रहे हैं. प्रदेश के पैरामेडिकल छात्र तो इसके लिए बाकायदा भूख हड़ताल पर जाने की चेतावनी दे चुके हैं. विद्यार्थियों का स्पष्ट कहना है कि उनकी परीक्षा नहीं ली जाए बल्कि सरकार उन्हें जनरल प्रमोशन दें. छात्र जनरल प्रमोशन की मांग को लेकर पहले भी कई बार प्रदर्शन कर चुके हैं।
अब विद्यार्थियों ने अपनी इस मांग के समर्थन में मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान को 5 हजार पत्र भेजे हैं. इस मामले में कोर्ट ने भी संज्ञान लेते हुए राज्य सरकार से जवाब मांगा है. मध्यप्रदेश मेडिकल साइंस यूनिवर्सिटी के पैरामेडिकल छात्र पिछले तीन साल से एक ही क्लास में हैं। इन छात्रों ने वर्ष 2019 में एडमिशन लिया था। कुछ माह बाद ही कोरोना आ गया जिससे परीक्षा आयोजित नहीं की जा सकी।
विद्यार्थियों का कहना है कि तीसरा साल शुरू हो चुका है, लेकिन हम सिर्फ पढ़ाई कर रहे हैं- पैरामेडिकल कॉलेजों में अध्ययनरत इन विद्यार्थियों का कहना है कि तीसरा साल शुरू हो चुका है, लेकिन हम सिर्फ पढ़ाई कर रहे हैं। विश्वविद्यालय ने कई बार परीक्षा तिथि घोषित की लेकिन परीक्षा नहीं हुई। अब ये स्टूडेंट कह रहे हैं कि जिस तरह से नर्सिंग छात्रों को जनरल प्रमोशन दिया गया है उसी आधार पर उन्हें भी जनरल प्रमोशन ही दे दिया जाए।
कोर्ट ने याचिका पर सुनवाई करते हुए सरकार से 17 दिसंबर तक जवाब मांगा - इस संबंध में स्टूडेंट ने कोर्ट में याचिका भी लगाई है। कोर्ट ने याचिका पर सुनवाई करते हुए सरकार से 17 दिसंबर तक जवाब मांगा है। इधर कई बार प्रदर्शन करने के बाद छात्र अब भूख हड़ताल पर जाने की चेतावनी दे रहे हैं। अपनी मांग के समर्थन में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को छात्रों ने 5 हजार पत्र खुद सीएम हाउस तक जाकर दिए हैं। छात्रों का साफ कहना है कि यूनिवर्सिटी की गलती का खामियाजा वे क्यों भुगतें। पैरामेडिकल के लगभग 20 हजार छात्रों को जनरल प्रमोशन की दरकार है।
Published on:
07 Dec 2021 02:37 pm
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