
भोपाल. मध्यप्रदेश में प्रतिक्षा सूची में शामिल अभ्यार्थियों द्वारा अपनी समस्याओं से अवगत कराने का अनूठा तरीका अपनाया जा रहा है, वे हर दिन अपने खून से चिट्ठी लिखकर प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को पोस्ट करेंगे, इस अभियान की शुरूआत तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आजादी दूंगा का नारा देने वाले सुभाष चंद्र बोस की जयंती से शुरू किया गया।
मप्र शिक्षक पात्रता परीक्षा- 2018 के प्राविधिक प्रतीक्षा सूची वाले अभ्यार्थियों ने सुभाष चंद्र बोस की जयंती पराक्रम दिवस से अपनी नियुक्ति करने के लिए खून से पत्र लिखो अभियान शुरू किया है। इनका कहना है कि सभी 52 जिलों से साथी स्कूल शिक्षा विभाग के अधिकारियों, विभागीय मंत्री, मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री को बिना देरी नियुक्ति दिलाने के संबंध में हर दिन खून से लिखे पत्र पोस्ट करेंगे ।
सोशल मीडिया के माध्यम से ताकत दिखाने और समर्थन पाने के लिए अभ्यर्थियों ने रविवार को हैशटेग के साथ व्हाय एमपी टीईटी वेटिंग इज स्टिल वेटिंग ट्विटर पर ट्रेंड भी कराया। इसके तहत करीब 40 हजार ट्वीट किए गए।
अभ्यर्थी शिक्षकों का कहना है कि आजाद हिन्द फौज के प्रमुख और स्वतंत्रता संग्राम सेनानी सुभाष चंद्र बोस ने जनता से अपील की थी कि तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आजादी दूंगा । इसी ध्येय वाक्य के साथ महानायक बोस की जयंती से प्रतीक्षा सूची वाले चयनित शिक्षकों ने खून से शिक्षा मंत्री, विभाग के अधिकारी और मुख्यमंत्री के नाम पत्र लिखने का अभियान शुरू किया है।
Published on:
24 Jan 2022 02:36 pm
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