scriptचलती ट्रेन में महिला को उठा लेबर पेन, भोपाल के डॉक्टर ने कराई डिलीवरी, कंबल देने पर भड़क गया रेलवे | Woman went labor pain in moving train Bhopal doctor got delivery Railways got angry on blanket | Patrika News

चलती ट्रेन में महिला को उठा लेबर पेन, भोपाल के डॉक्टर ने कराई डिलीवरी, कंबल देने पर भड़क गया रेलवे

locationभोपालPublished: Dec 30, 2023 07:38:11 am

Submitted by:

Faiz Mubarak

भोपाल के डॉक्टर ने चलती ट्रेन में कराई महिला की सुरक्षित डिलिवरी।

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चलती ट्रेन में महिला को उठा लेबर पेन, भोपाल के डॉक्टर ने कराई डिलीवरी, कंबल देने पर भड़क गया रेलवे

मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के एक डॉक्टर द्वारा चलती ट्रेन में बड़े सामाजि सरोकार से जुड़ा मामला सामने आया है। बता दें कि भोपाल के कंसल्टेंट रेडियोलॉजिस्ट डॉक्टर शैलेश लुनावत ने भोपाल से निकली हावड़ा मेल में एक गर्भवती महिला को प्रसव पीड़ा होने पर चलती ट्रेन में डिलीवरी कराने में मदद की है। इस मामले में हैरानी की बात ये है कि रेलवे कर्मचारियों ने आपात स्थिति में महिला का सुरक्षित प्रसव कराने पर डॉक्टर लुनावत का धन्यवाद देने के बजाए उनपर नाराजगी जता दी। दरअसल, नवजात के जन्म के बाद डॉक्टर ने महिला को रेलवे का कंबल उड़ा दिया था, इसपर कर्मचारियों ने नाराजगी जताते हुए कहा कि डॉक्टर को रेलवे का कंबल महिला को नहीं देना था।


बता दें कि ये मामला शुक्रवार को उस समय का है, जब राजधानी भोपाल के कंसल्टेंट रेडियोलॉजिस्ट डॉक्टर शैलेश लुनावत गाड़ी नंबर 12322 हावड़ा मेल में सवार होकर भोपाल से पार्शनाथ जा रहे थे। उनका कहना है कि यात्रा के दौरान में निगहत परवीन नाम की महिला को तेज प्रसव पीड़ा हुई. वो नजदीक के कंपार्टमेंट में ही थे। डॉक्टर होने के नाते उन्होंने मरीज की सहायता के लिए उससे जानकारी ली तो पता लगा कि वो 36 हफ्ते की प्रेग्नेंट थी। स्थितियां जांचने पर ये तय हुआ कि अभी डिलीवरी करानी होगी, वरना महिला और बच्चे की जान पर बन सकती थी।

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बच गई मा और बच्चे की जान

लुनावत के अनुसार उनके पास कुछ जरूरी सामान जैसे सिजर, सैनेटाइजर, कॉटन जैसा फर्स्टएड का सामान था। अन्य महिलाओं से थोड़ा थोड़ा जरूरी सामान और एवं उनकी मदद लेकर हमने महिला की सुरक्षित डिलीवरी करवाई। इस तरह से महिला और उसके बच्चे की जान बच गई। फिर मैहर स्टेशन पर महिला को हमने चिकित्सीय व्यवस्था के लिए उतार दिया।


क्या कंबल की मदद नहीं कर सकता भारतीय रेलवे- डॉ. लुनावत

लुनावत ने बताया कि महिला और बच्चे की जान बचाने की तो खुशी है ही पर रेलवे का रवैया हैरान करने वाला रहा। उन्होंने कहा रेलवे स्टाफ ने इस मामले में हमें बिल्कुल भी सपोर्ट नहीं किया। ऊपर से टिकट चेकिंग स्टाफ सिर्फ इस बात पर हमसे नाराज हो गया कि आपने महिला के साथ हमारा कंबल चादर दे दिया। डॉ. लुनावत का कहना था कि ऐसी स्थिति में मैं महिला और उसके बच्चे को खुले में एंबुलेंस तक नहीं भेज सकता था। इसलिए रेलवे का कंबल उसे देना पड़ा।

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