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भोपाल। राजधानी के पास हलालीडेम के पास स्थित रामकली गौसंरक्षण केंद्र में गाय के गोबर से लकड़ी बनाने की मशीन की रविवार को शुरुआत हो गई है। इस मशीन पर गोबर के जरिए लकड़ी बनाने का प्रदर्शन कर इसकी औपचारिक शुरुआत की गई।
यहां से शहर के विश्रामघाटों को 600 रुपए प्रति क्ंिवटल के हिसाब से लकडिय़ां उपलब्ध कराई जाएगी। पेड़ों की कटाई न हो और हरियाली सुरक्षित रहे, इसके लिए यह पहल की गई है।
इस मशीन की शुरुआत के साथ ही पहले ही दिन इसके लिए 25 क्विंटल लकडिय़ों का आर्डर मिल गया है। केंद्र के प्रमोद नेमा ने बताया कि भदभदा विश्राम घाट की ओर से यह आर्डर दिया गया है। यहां केंद्र में 2 हजार गाय है, जिनके गोबर से लकडिय़ां बनाई जाएगी, और शहर के विश्रामघाटों में दी जाएगी।
इसके पीछे केंद्र का उद्देश्य यहीं है लकडिय़ों की कटाई रूके । इसके लिए हम हर विश्रामघाट में संपर्क कर गोबर की लकडिय़ों के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
अन्य गौशालाओं को भी इससे जोडऩे का प्रयास किया जा रहा है। गोबर से बनी इन लकडिय़ों का पूजा आदि में भी इस्तेमाल किया जा सकेगा क्योंकि इनका निर्माण गाय के गोबर से किया जा रहा है।
गौवंश के सम्मान से ही सुरक्षित रहेगी धरती
केंद्र में गोबर से लकड़ी बनाने के प्रदर्शन अवसर पर गौसंवर्धन बोर्ड के स्वामी अखिलेश्वरानंद गिरि, पूर्व सांसद रघुनंदन शर्मा, माखनसिंह, सैय्यद साजिद अली, प्रहलाददास मंगल सहित बड़ी संख्या में लोग उपस्थित थे।
इस मौके पर स्वामी अखिलेश्वरानंद गिरि ने कहा कि जब तक इस धरती पर गौवंश का सम्मान होगा, यह धरती मिट नहीं सकती।
भारत की धरती अवतारों की धरती है और इस धरती पर महापुरूषों के अवतरण हुए है। हमारी सांस्कृतिक धरोहर और
पहचान अहिंसा है। इस मौके पर केंद्र में स्थापित हनुमान मंदिर, शिव मंदिर में पूजा अर्चना की गई। उपस्थित लोगों ने गौवंश की पूजा कर गुड़ खिलाया।
Published on:
29 Oct 2018 11:08 am
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