
World Emoji Day 2023
स्माइलीज और उनका प्रयोग करने वालों का अध्ययन बर्लिन फ्री यूनिवर्सिटी के एक भाषाविज्ञानी एनातोत स्टेफानोवित्स कर रहे हैं। वह जानना चाहते हैं कि लोग इनका उपयोग किस तरह से करते हैं और यह भी कि लोग कितनी तरह के इमोजी चाहते हैं और क्या इनकी कोई सीमा भी है।
वर्तमान में इमोजी की संख्या 3,664 से भी अधिक है। स्कॉटलैंड में तो लाल बालों वाली इमोजी लांच किए जाने को लेकर बाकायदा एक याचिका पेश की गई है। वर्ष 2015 में ऑक्सफोर्ड डिक्शनरी ने एक इमोजी को वर्ड ऑफ द इयर घोषित किया था, जो इनकी अहमियत को जाहिर करता है। जिस इमोजी को इसने वर्ड ऑफ द ईयर के रूप में चुना था। उसे फेस विद टीयर्स ऑफ जॉय (खुशी के आंसुओं वाला चेहरा) के नाम से जाना जाता है। जानकारों के अनुसार चैटिंग करने वालों को अब केवल शब्दों से संतुष्टि नहीं होती है। इसीलिए इमोजी सोशल मीडिया पर संवाद का अटूट हिस्सा हैं। इनसे विभिन्न भावों को तुरंत जाहिर किया जा सकता है।
कब से हुई इस दिन मनाने की शुरुआत
वर्ल्ड इमोजी डे की शुरुआत ऑस्ट्रेलिया के इमोजीपीडिया के फाउंडर जेरेमी बर्ज ने सन् 2014 में किया था। तब से लेकर हर साल 17 जुलाई को वर्ल्ड इमोजी डे मनाया जा रहा है। इमोजी का इस्तेमाल सबसे पहले वर्ष 1990 के दौरान हुआ। वर्ष साल 2012-2013 में इमोजी का प्रयोग इतना प्रसिद्ध हुआ कि अगस्त 2013 में ऑक्सफोर्ड शब्दकोश में भी इमोजी शब्द को जोड़ दिया गया। वर्तमान में इमोजी को विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर हर रोज 6 अरब से भी ज्यादा बार प्रयोग किया जाता है। यहां हम यह कह सकते हैं कि इमोजी के बिना सोशल मीडिया की दुनिया अधूरी है।
क्यों होते हैं ज्यादातर इमोजी पीले रंग के ?
सोशल नेटवर्किंग साइट्स पर हम सभी मैसेज भेजने के लिए इमोजी का इस्तेमाल करते हैं। इमोजी मैसेज में अभिव्यक्ति को मजबूत करते हैं और संदेश में मिठास भी भरते हैं। सोशल मीडिया पर इनके अनगिनत रूप हैं। जैसे स्माइली इमोजी, सैड इमोजी, एंग्री इमोजी, हंसता हुआ इमोजी सहित अन्य। अब प्रश्न उठता है कि ज्यादातर इमोजी के पीले ही क्यों होते हैं? इस बात को लेकर कोई विशेष रिसर्च नहीं हुई है, लेकिन विशेषज्ञ इमोजी का रंग पीले होने का कई कारण बताते हैं। उनके मुताबिक इमोजी का रंग व्यक्ति के स्किन टोन से काफी मिलता जुलता है। इस कारण ये पीले होते हैं।
कहा यह भी जाता है कि पीले रंग पर हंसी की भावदशा काफी ज्यादा मात्रा में अभिव्यक्त होती है। वहीं, पीला रंग हंसी-मजाक और खुशी का प्रतीक माना जाता है। पीले रंग में इमोशंस काफी अच्छे से व्यक्त होते हैं। मार्केट में कई सारे स्टीकर्स बिकते हैं, उनके रंग भी ज्यादातर पीले होते हैं। कार्टूनों में कई सारे लोकप्रिय करेर्क्ट्स का रंग पीला है। पीला रंग हैप्पीनेस का भी रंग माना जाता है। वहीं, आपने गौर किया होगा कि गुस्से वाला इमोजी ही लाल रंग का होता है। बाकी ज्यादातर इमोजी पीले ही होते हैं। सबसे कॉमन इमोजी है, जिसे लोग धन्यवाद, नमस्ते कहने के लिए भेजते हैं, लेकिन ये हाई-फाई का निशान है। इसका मतलब है कि आप किसी दूसरे की बात का सपोर्ट करते हुए उसे ताली दे रहे हैं।
‘टीयर्स ऑफ जॉय’ का सबसे ज्यादा यूज !
चैटिंग करने के लिए इमोजी का सबसे ज्यादा इस्तेमाल करते हैं। सबसे पहला इमोजी वर्ष 1990 में शिगेताका कुरीता ने बनाया था। फेसबुक मैसेंजर पर चैटिंग के करते समय सबसे ज्यादा ‘टीयर्स ऑफ जॉय’ इमोजी का यूज किया जाता है। इसके बाद ‘हार्ट आइज’ वाली इमोजी है। यूके, थाईलैंड, कनाडा और ब्राजील में लोग मैसेंजर में चैटिंग करते समय सबसे ज्यादा हार्ट रिलेटेड इमोजी का इस्तेमाल करते हैं, जबकि यूएस में लोग अपने फ्रेंड्स को ‘किस’ वाली इमोजी सबसे ज्यादा भेजते हैं। एक दिन में 5 बिलियन से ज्यादा इमोजी मैसेंजर पर भेजी जाती हैं। सबसे पहले इमोजी का इस्तेमाल एप्पल ने आइफोन के की बोर्ड में किया था।
भारत में हिंदी इमोजी की शुरुआत दिल्ली विश्वविद्यालय मिरांडा हाउस कॉलेज में हिंदी पढ़ाने वाली असिस्टेंट प्रोफेसर अपराजिता शर्मा ने की थी। अपराजिता ने इमोजी की जगह हिमोजी का निर्माण किया। जिसमें आप चैट करते हुए हिंदी भाषा में यह हिमोजी भेज सकते हैं। यह पहली बार है कि हिंदी इमोजी को तैयार किया गया है। इसमें आप अपना प्यार, गुस्सा, नराजगी और शैतानी को हिंदी में व्यक्त कर सकते हैं। इस हिमोजी में एक लड़का है और दूसरी लड़की।
Published on:
17 Jul 2023 02:21 pm
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