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‘लश्तम-पश्तम में दिखेगा भोपाल के राइटर के शब्दों का जादू

-युवा राइटर नितिन केसवानी की छोटे परदे के बाद सिल्वर स्क्रीन पर एंट्री

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'लश्तम-पश्तम में दिखेगा भोपाल के राइटर के शब्दों का जादू

भोपाल. सपनों की नगरी मुंबई में बतौर राइटर भोपाली युवा नितिन केसवानी की कलम का जादू छोटे परदे के बाद सिल्वर स्क्रीन पर भी दिखेगा। दस अगस्त को देशभर में रिलीज होने वाली फिल्म लश्तम-पश्तम का स्क्रीन प्ले और डायलॉग नितिन ने लिखे हैं। फिल्म की कहानी नितिन एवं फिल्म के डायरेक्टर मानव भल्ला ने संयुक्त रूप से लिखी है। बतौर राइटर नितिन की ये डेब्यू फिल्म है। इससे पहले वे कई चर्चित टीवी सीरियल्स एवं शो में अपने हुनर से दर्शकों को अपना कायल बना चुके हैं। इंद्रपुरी निवासी नितिन को बचपन से ही फिल्मी दुनिया में अपना मुकाम हासिल करने की ख्वाहिश थी, जिसके लिए उन्होंने बरसों तक स्ट्रगल किया, पर सच्ची लगन और मेहनत के बल पर उन्होंने सफलता की सीढ़ी चढऩा शुरू कर दी है।

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ओमपुरी की आखिरी फिल्म
नितिन ने बताया कि इस फिल्म की कहानी वर्ष २०१४ में लिखी गई थी, पर उस दौरान फिल्म फ्लोर पर नहीं आई, हालांकि इस बीच सलमान खान स्टारर बजरंगी भाईजान रिलीज हुई। इन दोनों फिल्मों में काफी हद तक समानताएं थी, लिहाजा लश्तम-पश्तम की स्टोरी में कुछ चेंज कर इसे अपडेट किया गया। वर्ष २०१७ में इस फिल्म की शूटिंग पूरी कर ली गई थी, जो अब रिलीज को तैयार है। ये फिल्म ओमपुरी की आखिरी फिल्म है, इसमें ओमपुरी एक सशक्त भूमिका में नजर आएंगे। ओमपुरी के अलावा इस फिल्म में प्रियांशु चटर्जी, डॉली अहलुवालिया, इशिता दत्ता, कमर बिरमानी, विभव रॉय मुख्य भूमिका में हैं।


सोनी पिक्चर्स के बैनर तले इस मूवी का नाम अनूठा है। इस बारे में नितिन का बस इतना ही कहना है कि फिल्म की कहानी दो खास दोस्तों की जिंदगी पर आधारित है, जो दुबई में रहते हैं और एक-दूसरे के साथ टेनिस में जोड़ीदार हैं। बस जुदा हैं तो इनके मुल्क। एक भारतीय है तो दूसरा पाकिस्तानी। नितिन ने बताया कि किस तरह दो मुल्कों के बीच खींचतान का असर इन दोनों की जिंदगी पर पड़ता है।

आसान नहीं था सफर
बचपन से फिल्मी दुनिया में मुकाम हासिल का सपना संजोने वाले नितिन के लिए मुंबई तक का सफर आसान नहीं था। पहले परिवार को विश्वास में लेना और नेटवर्किंग कोर्स के बहाने मुंबई जाना खासा मुश्किल था। वर्ष २००२ में मुंबई पहुंचने के बाद थियेटर के साथ ही मुंबई में स्थापित राइटर्स के लिए लिखना शुरू किया, पर पहचान का संकट अभी भी बरकरार था। लिहाजा किएटिव आई प्रोडक्शन कंपनी में बतौर क्रिएटिव हैड काम करना शुरू किया।

शॉर्ट मूवी ने आसान की राह
फिल्म इंडस्ट्री में मुकाम हासिल करने की जद्दोजहद के बीच वर्ष २००९ में उन्होंने शॉर्ट मूवी डनक्रेडेबल एडेपशन बनाई। इसी मूवी का डायरेक्शन, राइटिंग समेत एक्टिंग का जिम्मा नितिन ने ही संभाला। इस मूवी को मुंबई में आयोजित इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में बेस्ट मूवी केटेगरी में सेकंड अवार्ड मिला। इस मूवी को दर्शकों ने खासा सराहा। इसके बाद उन्हें इरफान खान अभिनीत सीरियल मानो या न मानो की कहानी लिखने का मौका मिला। उन्होंने सब टीवी के जुगनी चली जालाधंर, गुटरगूं, मिस्टर एंड मिसेज इलाहबाद वाले समेत चिडिय़ाघर के लगातार छह साल तक एपिसोड की कहानी लिखी। फिलहाल दो से तीन फिल्मों की कहानी पर नितिन काम कर रहे हैं।