
भोपाल। बेरोजगारी और महंगाई के खिलाफ मुख्यमंत्री निवास को घेरने जा रहे युवा कांग्रेस के कई कार्यकर्ताओं को प्रदेश कांग्रेस कार्यालय से निकलते ही रोक लिया गया। इस दौरान कई कार्यकर्ता घायल हुए हैं, वहीं पूर्व मंत्री एवं कांग्रेस विधायक जयवर्धन सिंह के कपड़े फाड़े गए। इस दौरान पुलिस और कार्यकर्ताओं में झड़प भी हुई। युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीनिवास भी इस प्रदर्शन में शामिल होने आए थे। उनके साथ ही कांग्रेस विधायक जयवर्धन सिंह और विधायक कुणाल चौधरी समेत बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद थे।
कांग्रेस ने लगाया आरोप
प्रदेश कांग्रेस ने आरोप लगाया कि युवाओं के प्रदर्शन पर शिवराज की बर्बरता, शिवराज ने युवाओं पर लाठियां बरसाई, वॉटर कैनन का उपयोग किया और लोकतांत्रिक तरीक़े से प्रदर्शन कर रहे युवाओं को लहूलुहान कर दिया। शिवराज जी, ये क्रूरता आपके अंत की इबारत लिख रही है।
जयवर्धन बोले- जनता के कपड़े फाड़े
कांग्रेस विधायक जयवर्धन ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि हमारे युवाओं को मारा गया है। कार्यकर्ताओं के खून का एक-एक बूंद जो यहां गिर रहा है, वो प्रदेश की जनता को समर्पित है। यह शिवराज सरकार की तानाशाही है, वो कुछ भी कर ले, कांग्रेस का संघर्ष जारी रहेगा। आज के समय जनता परेशान है, आक्रोशित है, गूंगी-बहरी शिवराज सिंह की सरकार असंवेदनशील हो चुकी है। मेरे कपड़े फाड़े गए। यह प्रदेश की जनता के लिए फाड़े गए हैं। हमारा संघर्ष जारी रहेगा।
प्रदर्शन के दौरान युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीनिवासन ने कहा कि महंगाई बढ़ती जा रही है, कोरोनाकाल में भी हर चीज महंगी हो गई है। पेट्रोल पंप का नाम भी बदलकर वसूली केंद्र कर देना चाहिए। लोग पेट्रोल के साथ ही टैक्स भरने जा रहे हैं।
और क्या बोले श्रीनिवासन
मध्यप्रदेश की विधानसभा का सत्र डेढ़ दिन में ही खत्म होने पर श्रीनिवासन ने कहा कि विधानसभा सत्र चलाना चाहिए थी, लेकिन डेढ़ दिन में ही सत्र खत्म हो गया। बेरोजगारी और महंगाई पर भी चर्चा नहीं होना चाहिए थी। अब परा देश युवा, कांग्रेस पार्टी और राहुल गांधी की तरफ देख रहा है।
-कोरोनाकाल में जनता ने सरकार का स्वास्थ्य सिस्टम देखा है। समय पर पलंग और आक्सीजन और इंजेक्शन तक नहीं मिल पाए। सरकार के पास विकास का कोई रोडमैप भी नहीं है।
कई कार्यकर्ता गिरफ्तार
कांग्रेस कार्यकर्ताओं का आरोप है कि प्रदर्शनकारियों को जबरन घसीटकर नियंत्रित किया गया। जबरन बस में बैठाया गया। कुछ महिला कार्यकर्ताओं के साथ भी दुर्व्यवहार किया गया।इस दौरान महला पुलिसकर्मी मौजूद नहीं रहीं। इस दौरान पुलिस ने करीब 250 से अधिक कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया। सभी को दूर ले जाकर छोड़ दिया गया।
Updated on:
11 Aug 2021 04:38 pm
Published on:
11 Aug 2021 04:14 pm
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