
jagannath tample
(पत्रिका ब्यूरो,भुवनेश्वर): भारत और पाकिस्तान के बीच सीमा पर भारी तनाव के दौर में भी यदि कोई कड़ी दोनों देशों को जोड़ती है तो वह है धर्म, अध्यात्म और ईश्वर पर आस्था। ओडिशा के जगन्नाथपुरी में स्थापित महाप्रभु जगन्नाथ कुछ ऐसे ही देवता हैं जो दो देशों के बीच सांस्कृतिक रिश्ता कायम रखने का माध्यम बने हैं। पाकिस्तान से 126 तीर्थ यात्रियों का समूह पुरी पहुंचा। वहां के वजीर-ए-आजम इमरान खान ने उन्हें शुभकामनाएं दी। आपसी कटुता भूलकर लोग पाकिस्तान से दर्शन करने आते हैं। ये यात्री शुक्रवार को पहुंचे थे। भारत में ये लोग जगन्नाथ मंदिर के साथ ही अन्य मंदिरों को भी जाएंगे।
इन पाकिस्तानी तीर्थ यात्रियों की आवाजाही से लगता है कि दोनों देशों के बीच भले ही राजनीतिक कूटनीतिक कटुता हो पर धार्मिक और अध्यात्मिक रिश्तों को लेकर दोनों ही संजीदा हैं। नवरात्र में हिंगलाज देवी तो शिवरात्रि में कटासराज मंदिर के दर्शन को पाकिस्तान में कई भारतीय जाते हैं।
जगन्नाथ भगवान के एक पाकिस्तानी भक्त ने कहा कि वो दर्शन के लिए उत्साहित है। कई महीनों से प्लानिंग की जा रही थी। वहां के भक्तों का कहना है कि पाकिस्तान स्थित जगन्नाथ मंदिर के लिए प्रधानमंत्री इमरान खान ने सुरक्षा व्यवस्था भी की है।
सियालकोट में भी हैं जगन्नाथ मंदिर
बताते चलें कि पाकिस्तान के हिस्से के पंजाब सूबे के सियालकोट में भी जगन्नाथ मंदिर सबसे पुराने मंदिरों में से एक है। दूर दराज क्षेत्रों से लोग सियालकोट जगन्नाथ मंदिर के दर्शन को आते हैं। हिंदुओं के साथ-साथ मुस्लिम श्रद्धालु भी आते हैं। बताते हैं कि पाकिस्तान में मंदिरों की संख्या घटी है। सियालकोट के जगन्नाथ मंदिर के मेंटीनेंस के लिए पंजाब (पाकिस्तान) के पूर्व मुख्यमंत्री चौधरी परवेज इलाही जगन्नाथ मंदिर के जीर्णोद्धार के लिए दो लाख स्वीकृत किया था। इससे मंदिर की खूबसूरती के कारण भक्तों की आवाजाही बढ़ी।
Published on:
06 Oct 2018 04:17 pm
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