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(पत्रिका ब्यूरो,भुवनेश्वर): मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने तितली चक्रवाती तूफान से तबाही का आंकलन और क्षतिपूर्ति की समीक्षा बैठक करते हुए अधिकारियों को आदेशित किया कि राहत बचाव कार्य के साथ ही मुआवजा वितरण में कोताही न बरती जाए। बैठक की जानकारी देते हुए मुख्य सचिव आदित्य प्रसाद पाढ़ी ने बताया कि 16 जिलों के 114 ब्लाकों के 57 लाख लोग चक्रवाती तूफान से हुई भारी बारिश के कारण प्रभावित हुए हैं। समीक्षा बैठक में यह तथ्य भी रखा गया कि 1,48,000 हेक्टेयर की धान की फसल तथा 65 हजार हेक्टेयर की अन्य फसलें क्षतिग्रस्त हुईं। कुल 26 लोगों की मौत की सूचना है। मृतकों के परिजनों को 4 लाख रुपया मुआवजा दिया गया।
मुख्यमंत्री ने हवाई सर्वेक्षण करने के बाद अलग-अलग जिलों की रिपोर्ट ली और मंगलवार को मुख्य सचिव, विशेष राहत आयुक्त व विभागी सचिवों के साथ समीक्षा बैठक की। मुख्य सचिव ने तितली से सबसे ज्यादा प्रभावित हुए जिले गजपति का खुद दौरा किया। तितली का प्रभाव 11 व 12 अक्टूबर तक ओडिशा में रहा। उसके बाद यह पश्चिम बंगाल की ओर घूम गया था, पर लगातार भारी बारिश हुई।
गंजाम जिले में फसल क्षति का मुआवजा बंटना शुरू हो गया है। मुख्यमंत्री के आदेश में प्रभावित किसानों को एक हजार रुपया, 50 किलोग्राम चावल व 2.5 लीटर मिट्टी तेल वितरण शुरू हो गया है। इसके अतिरिक्त दो हजार रुपया हर प्रभावित किसान के खाते में डाला जाएगा। मुख्यसचिव ने बताया कि जनजीवन सामान्य होने लगा है। गांवों में बिजली सप्लाई भी सामान्य होने लगी है। सड़क, खरंजा मार्ग ठीक होना शुरू हो गया है। महामारी न फैलने पाए इसके लिए अस्पतालों की व्यवस्था के साथ डाक्टरों को भी अलर्ट किया गया है।
Published on:
16 Oct 2018 06:12 pm
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