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जानिए ओडिशा के “कैनाल मैन” की मार्मिक कहानी जिन्होंने पहाड़ खोदकर निकाल दी नहर

माउंटेन मैन दशरथ माझी की तर्ज पर अब ओडिशा के कैनाल मैन दइतरी नायक ने भी कमाल कर दिखाया है...

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daitari nayak the canal man

daitari nayak the canal man

महेश शर्मा की स्पेशल रिपोर्ट...

(भुवनेश्वर): माउंटेन मैन दशरथ माझी की तर्ज पर अब ओडिशा के कैनाल मैन दइतरी नायक ने भी कमाल कर दिखाया है। 70 साल के नायक ने पानी के बिना सूख रही सौ एकड़ खेती के लिए पहाड़ खोदकर नहर के लिए रास्ता बना दिया। दइतरी ने गोइनसिका पहाड़ से तीन किलोमीटर तक रास्ता निकाल कर प्यासे क्षेत्र को जलधार पहुंचा दी। इस काम में उसे चार साल लग गए।


अडिग इरादों से पाया मुकाम

क्योंझर जिले के बंसपाल ब्लाक के बैतरनी गांव के दइतरनी को बस एक ही धुन थी कि किसी तरह उसके गांव के लोगों को खेतीबारी के लिए सिंचाई की ठोस व्यवस्था हो जाए। उसकी यही धुन रंग लाई। शुरुआत में जब उसने पहाड़ का सीना चीरना शुरू किया, तो लोग उसकी हंसी उड़ाया करते थे। लेकिन वह डिगा नहीं और तमाम आलोचनाओं और तानों से दूर अपने काम में व्यस्त रहा। जब गोइनसिका पहाड़ से जलधारा ने रास्ता बनाया, तो लोगों के चेहरे खुशी से खिल उठे।

क्या कहता है दइतरी

पूछने पर दईतरी मासूमियस के बताता है कि बिना सिंचाई के उसके खेत सूख रहे थे। इसके अलावा उसके पास विकल्प भी नहीं था। धुन में लग गया तो रोज कुछ न कुछ काम करता रहा और चार साल में परिणाम सामने आ गया। उसका कहना है कि उसके पांच भाई बराबर उसका सहयोग करते रहे। पहाड़ों को काटने में जुटा, तो लोगों ने खिल्ली उड़ाई। यह नेक काम हम लोगों के प्रयास से हुआ, इसकी उसके परिवार और गांव वालों को खुशी है।

कठिन समय में भी नहीं हारी हिम्मत

वह कहता है कि एक समय यह भी आया कि काम बहुत ज्यादा कठिन लगने लगा, पर हमने हिम्मत नहीं हारी। भाई लोगों ने हौसला दिया। कुदाली, गइंती आदि उपकरणों का प्रयोग किया। चार साल लग गए। दइतरी का भाई मायाधर नायक कहते हैं कि गांव का चेहरा खिल उठा। अब खेती अच्छी होने लगेगी। नहर तैयार है। गांव वाले कहते हैं कि नहर की शक्ल बिलकुल नहर की तरह लाने का प्रयास किया जाएगा। रास्ता तो दइतरी ने दिखा दिया। इसे पक्की नहर बनाने के लिए सरकार से गुहार की जाएगी। अब ग्रामीण इसके लिए सरपंच के साथ मंत्री से मिलने की योजना बना रहे हैं।


दशरथ माझी से मिलती है कहानी

गौरतलब है कि नायक की यह स्टोरी दशरथ माझी की याद दिलाती है जिसने बिहार में पहाड़ के बीच से सड़क निकाल दी थी। उस पर फिल्म भी बनी थी। दशरथ माउंटेन मैन कहलाया। उसी तर्ज पर दइतरी को भी कैनाल मैन कहा जाने लगा है। लघु सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता सुधाकर बेहरा का कहना है कि इस नहर को स्थाई नहर की शक्ल देकर स्थाई चेकडैम बनाएंगे। सुधाकर ने दइतरी नायक की लगन और गांव वालों के सहयोग की प्रशंसा की।

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