
दामोदर राउत
(भुवनेश्वर): ओडिशा की राजनीति करवट लेती दिखाई दे रही है। पूर्व कैबिनेट मंत्री दामोदर राउत पर बीजू जनता दल की ओर से कडा फैसला लेने की सभी अटकलें सच साबित हुई। बीजद के राष्ट्रीय अध्यक्ष और राज्य के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक के आदेशानुसार दामोदर राउत को पार्टी से निष्कासित कर दिया गया है। इस फैसले के बाद बीजद की मुश्किलें बढ भी सकती है। राउत अनुभवी नेता है ऐसे में वह बीजद के समकक्ष दल का निमार्ण भी कर सकते है।
नवीन ने दिल्ली से ही सुनाया फैसला
बीजू जनता दल के स्थापना के समय से पार्टी के लिए काम करने वाले पूर्व कैबिनेट मंत्री दामोदर राउत बीजद से निष्कासित कर दिए गए। दामोदर राउत पर निर्णय को ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक के उपर छोडा गया था। पूर्व में पार्टी सूत्रों की ओर से प्राप्त जानकारी में यह कहा गया था कि नवीन दिल्ली से आने के बाद राउत के फैसले पर मुहर लगाएंगे। सभी दावों को खारिज करते हुए नवीन ने दिल्ली से ही अपना फैसला सुना दिया।
राउत के पास 40 साल का अनुभव
दल के सेक्रेटरी विजय कुमार नायक ने नवीन पटनायक के इस फैसले की जानकारी प्रेस विज्ञप्ति जारी करके दी। उन्होंने दिल्ली से फोन पर राउत को निकालने का निर्णय सुनाया। राउत के निष्कासन के बाद बीजू विचार मंच के गठन की संभावनाएं प्रबल हो गई हैं। यह संगठन अब तक ठंडे बस्ते में था। दामोदर राउत इसके सर्वेसर्वा हैं। उन्हें बीजू पटनायक के साथ काम करने का 40 साल का तर्जुबा है। अपने इस अनुभव का उपयोग कर राउत ओडिशा के राजनीति
सीएम के करीबी रहे है राउत
बता दें कि दामोदर राउत ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक के करीबी नेताओं में से एक है। राउत अपने विवादित बयानों को लेकर चर्चा में रहे हैं। इनके विवादास्पद बयानों के कारण कई बार पार्टी को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ा है। राउत पर पूर्व में भ्रष्टाचार के आरोप भी लग चुके है। नवीन के इस फैसले को राउत के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई के रूप में भी देखा जा रहा है।
Published on:
13 Sept 2018 02:11 pm
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.
