
loard shiva
(भुवनेश्वर): 28 जुलाई से शुरू हुए सावन के महीने का पहला पवित्र सोमवार भक्ति भाव से ओतप्रोत रहा। सोमवार तड़के शिव मंदिरों पर श्रद्धालुओं की भीड़ जुटने लगी। सबसे ज्यादा भीड़ राजधानी स्थित लिंगराज मंदिर में देखी गई। बोल बम बोल बम का उद्घोष करते हुए भारी संख्या में कांवड़ियों ने विधिवत पूजा अर्चना और भगवान शंकर के दर्शन किए।
शिव मंदिरों में भीड़
सबेरे से ही शिव मंदिरों में भीड़ जुटने लगी। यूं तो ओडिशा में छोटे-बड़े हजारों शिव मंदिर हैं, पर बड़े मंदिर सिद्ध मंदिर बताए जाते हैं। समस्त शिव मंदिरों में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई है। कटक में धवलेश्वर मंदिर में पंक्तिबद्ध होकर श्रद्धालुओं ने पूजा अर्चना की। पुरी के लोकनाथ मंदिर, भद्रक में अखंडलमणि, ढेंकानाल में चंद्रशेखर, कपिलास, कोरापुट में गुप्तेश्वर, राउरकेला में वेदव्यास, संबलपुर में मानेश्वर मंदिरों में खासी भीड़ देखी गई। इन मंदिरों में हजारों की संख्या में कावंड़ियां कावड़ लेकर पहुंचे। इन कांवड़ियों को ओडिशा में बोल बम कहा जाता है। समूहों में दिन-रात पद यात्रा करते हुए अपने ईष्टदेव के मंदिरों में पहुंचते हैं। नदियों से जल लेकर चढ़ाते हैं।
रेत पर बनाई भगवान शिव की प्रतिमा
इस अवसर पर ख्यातिलब्ध सैंड आर्टिस्ट पद्मश्री सुदर्शन पटनायक ने पुरी समुद्र तट पर शिव जी की प्रतिमा बनाई, जिसे देखने के लिए पर्यटक आते रहे। शंकर भगवान को सावन का महीना बहुत प्यारा लगता है। इस दौरान पूजा करने पर विशेष फल की प्राप्ति होती है। बेलपत्र, धतूरा, फूल, दूध शंकर भगवान के मंदिर पर चढ़ाते हैं।
सावन में जल्दी प्रसन्न होते है शिव
बता दें कि सावन माह में विशेष रूप से भगवान शिव की पूजा की जाती है। मान्यता है कि पवित्र माह में भोलेनाथ भक्तों से जल्द प्रसन्न होते है। वैसे तो सावन का पूरा महिना ही पवित्र है। पर सावन के सोमवार को लोग एक उत्सव की तरह मनाते है। इस दिन देश के हर शिवालय पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु भगवान शिव को मनाने के लिए पूजा अर्चना करते है।
Published on:
30 Jul 2018 05:52 pm
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